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गांव की महिला को फंदे पर लटका देख बालक ने भी लगा ली फांसी, चली गई जान

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गांव की महिला को फंदे पर लटका देख बालक ने भी लगा ली फांसी, चली गई जान
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नजीबाबाद। गांव की एक महिला को फांसी के फंदे पर लटका देख गांव के ही एक बालक ने भी फांसी लगा ली। उस समय घर के सभी सदस्य बाहर गए हुए थे। कुछ देर बाद जब से लौटे तो बाथरूम में बालक का शव फंदे पर लटका देख कोहराम मच गया। पुलिस को सूचना दिए बिना ही बालक का अंतिम संस्कार कर दिया गया। बताया जाता है कि बालक परिजनों और आसपास के लोगों से पूछ रहा था कि फांसी लगाने पर कैसा महसूस होता है, फांसी कैसे लगाई जाती है। लेकिन उसकी बात पर किसी ने ध्यान नहीं दिया।
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क्षेत्र के एक गांव में विवाहिता ने गृह क्लेश के चलते चार दिन पूर्व फांसी लगाकर आत्महत्या की। गांव का ही एक बालक भी वहां मौजूद था। वह दिन भर सोचता रहा कि आखिर फांसी कैसे लगाई जाती है। घंटों किशोर के दिमाग में महिला द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना घूमती रही। इस बाबत उसने परिजनों से भी प्रश्न किए। मजदूर पेशा परिवार के 12 वर्षीय बालक के दिमाग में यही चलता रहा कि आखिर फांसी कैसे लगाई जाती है। शंकाओं के बीच उसने अपने बाथरूम में जाकर गले में फंदा लगा लिया। संयोग से आसपास परिजन नहीं थे, जिससे किशोर की सांसें थम गईं। बताया जाता है कि किशोर ने आत्महत्या से पूर्व गांव में इस बाबत कुछ लोगों और परिजनों से भी चर्चा की थी। जिसे किसी ने गंभीरता से नहीं लिया। किशोर द्वारा आत्महत्या किए जाने से परिवार में मातम और गांव में सनसनी छा गई। परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना किशोर का अंतिम संस्कार कर दिया। लोगों का कहना है कि यदि बालक की बातों पर ध्यान देकर उसे ऐसा न करने के लिए समझाया जाता तो शायद वह इस तरह का कदम नहीं उठाता।
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