गजरौलाशिव में गांव गजरौलाशिव में मनाई जाने वाली दीपावली सांप्रदायिक एकता की मिसाल है। दीपावली पर दिन में मुस्लिमों के बच्चे अपने घर से रूई लाकर हिंदुओं के घरों में बांटते हैं, तो रात में हिंदू मुस्लिमों के घरों में जाकर दीपक जलाते हैं और उनकी सुख समृद्धि की कामना करते हैं।
गांव गजरौलाशिव में हिंदुओं व मुस्लिमों की संख्या लगभग बराबर है। गांव में दोनों ही समुदाय के लोग आपस में मिलजुलकर रहते हैं। गांव में मनाई जाने वाली दीपावली भी एक मिसाल है। सुबह को मुस्लिम बच्चे अपने घरों से रूई लेकर निकलते हैं और उनको दीये की बाती बनाने के लिए हिंदुओं के घरों में देते हैं। गांव के सभी घरों में मुस्लिमों के बच्चे जाते हैं। हिंदू भी सांप्रदायिक एकता दिखाने में कम नहीं हैं। रात को हिंदू समाज की महिलाएं व बच्चे मुस्लिमों घरों में भी दीपक जलाते हैं और उनकी समृद्धि की कामना करते हैं। गांव के पूर्व प्रधान महेंद्र सिंह, महेशचंद्र, दिनेश कुमार, जाकिर हुसैन, मोहम्मद याकूब, इमरान आदि के मुताबिक गांव में दोनों धर्म के लोग त्योहार मिलकर मनाते हैं। गांव में आज तक दोनों समुदायों के बीच कभी झगड़ा नहीं हुआ है। होली पर भी कई मुस्लिम परिवार होली खेलते हैं। अगर किसी गांव वाले का दूसरे से विवाद हो जाता है तो उसे आपस में ही बैठकर सुलझा लिया जाता है।