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प्री बोर्ड परीक्षा के नाम पर खानापूर्ति कर रहे माध्यमिक विद्यालय

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प्री बोर्ड परीक्षा के नाम पर खानापूर्ति कर रहे माध्यमिक विद्यालय
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बिजनौर। माध्यमिक विद्यालयों में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की प्री बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। कुछ विद्यालयों ने प्री बोर्ड परीक्षा के पेपर विषय अध्यापकों से तैयार नहीं कराए हैं। इन पेपरों में बड़े पैमाने पर गलतियां मिल रही हैं। पेपरों में कई सवाल गलत हैं। परीक्षा के नाम पर स्कूलों में महज खानापूर्ति हो रही है।
जिले में यूपी बोर्ड के 387 माध्यमिक विद्यालय हैं। 2022 की बोर्ड परीक्षा के लिए हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 90 हजार से अधिक विद्यार्थी पंजीकृत हैं। शैक्षिक कलेंडर के अनुसार बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले हाईस्कूल व इंटर के विद्यार्थियों की प्री बोर्ड परीक्षा होती है। परीक्षा के लिए फरवरी का तीसरा सप्ताह निर्धारित है। शासन के निर्देशों के अनुपालन में प्री बोर्ड परीक्षा शुरू हो गई है। लेकिन कुछ विद्यालय प्री बोर्ड परीक्षा के नाम पर खानापूर्ति कर रहे हैं। आरोप है कि विद्यालयों ने प्री बोर्ड परीक्षा के पेपर विषय अध्यापकों से तैयार नहीं कराए हैं। पेपर बाजार से खरीद लिए गए हैं। इन पेपरों में काफी सवाल गलत हैं। गलती ठीक कराने में काफी समय लग जाता है।
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बोर्ड के सैंपल पेपर का नहीं हो रहा पालन
बोर्ड ने हाईस्कूल व इंटर बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के लिए विषयों के सैंपल पेपर्स जारी किए हैं। सैंपल पेपर्स में पेपर का पैटर्न, सवालों के अंक आवंटन, सवालों की प्रकृति अर्थात कितने सवाल बहुविकल्पीय, अति लघु उत्तरीय, विस्तृत उत्तरीय होंगे आदि की जानकारी है। यदि एक पेपर में विषय की एक से अधिक पुस्तकें हैं तो किताबवार अंकों का विभाजन दिया है। यदि विद्यालयों से आने वाली शिकायतों की मानें तो प्री बोर्ड की पेपर सेटिंग में सैंपल पेपर्स का ध्यान नहीं रखा गया है।
पेपर में आए गलत सवाल
जिला मुख्यालय के एक विद्यालय में प्री बोर्ड की परीक्षा देकर आ रहे विद्यार्थियों के अनुसार शुक्रवार को हाईस्कूल का विज्ञान का पेपर था। विज्ञान के पेपर में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान तथा जीव विज्ञान में विभाजित होता है। विद्यार्थियों का कहना है कि विज्ञान के पेपर में किसी भी प्रश्न के सामने अंक लिखे नहीं थे। कौन सा सवाल कितने नंबर का है इसका पता नहीं चला। पेपर में आए कई सवाल गलत थे। पेपर मिस प्रिंट था। पेपर में आए चित्र भी साफ नहीं थे, मिटे हुए थे।
कोरोना काल में प्री बोर्ड के अंक महत्वपूर्ण
कोरोना के कारण यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर की वर्ष 2021 की परीक्षा नहीं हुई थी। विद्यार्थियों को अंकों का आवंटन विषयवार शासन के तय फार्मूला पर हुआ था। फार्मूला का निर्धारण कक्षा नौ व 11 की वार्षिक परीक्षा तथा कक्षा 10 व 12 की अर्द्धवार्षिक, प्री बोर्ड परीक्षा के प्राप्तांक के आधार पर हुआ था। इसलिए प्री बोर्ड परीक्षा फाइनल परीक्षा की तैयारी, आपातकालीन परिस्थितियों के लिए महत्वपूर्ण होती है। यशवीर सिंह, हरेंद्र सिंह आदि अभिभावकों का कहना है कि विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए प्री बोर्ड परीक्षा की गरिमा बनी रहनी चाहिए।
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जांच कराई जाएगी : डीआईओएस
डीआईओएस राजेश कुमार ने कहा कि प्री बोर्ड परीक्षा बोर्ड परीक्षा का रिहर्सल है। इसलिए प्री बोर्ड परीक्षा को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उनके समक्ष पेपर में गलती या बाहर से मंगाने का कोई मामला नहीं आया है। फिर भी मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कराई जाएगी।
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