बिजनौर में खेलों से मुंह मोड़ती बालिकाओं को फिर से खेलों से जोड़ने के लिए कोच मुहिम चलाएंगे। बालिकाओं के स्कूलों में जाकर ट्रायल लेकर हुनरमंद खिलाड़ियों को तराशेंगे। खेल विभाग की प्रमुख सचिव अनीता भटनागर ने सभी जिलों के क्रीड़ा अधिकारियों को दिए निर्देश।
हर क्षेत्र में लड़कों को टक्कर देने के बाद भी खेलों में बालिकाओं की संख्या कम होती जा रही है। कबड्डी, कुश्ती आदि में तो बालिकाओं की संख्या सिमट कर रह गई है। बालिकाओं की संख्या खेलों में बढ़ाने के लिए मुख्य सचिव अनीता भटनागर ने सभी जिला क्रीड़ा अधिकारियों को सुझाव दिए हैं। सुझाव में बालिकाओं की संख्या 50 प्रतिशत करने को कहा गया है। साथ ही बालिकाओं के स्कूलों में जाकर ट्रायल आयोजित कर हुनरमंद खिलाड़ियों को तराशने को कहा है। जिले में हॉकी और एथलेटिक्स को छोड़कर बाकी खेलों में खेलों में बालिकाओं की संख्या घटी है। ऐसे में कोच और विभागीय अधिकारियों को खेलों में बालिकाओं की संख्या बढ़ाने में काफी जद्दोजहद करनी होगी। जिला क्रीड़ा अधिकारी अतुल सिन्हा के अनुसार बालिकाओं को खेलों से जोड़ने के लिए पूरे प्रयास किए जाएंगे।
खेलों में बालिकाओं की संख्या
खेल बालक बालिका
एथलेटिक्स 18 22
हॉकी 22 24
कबड्डी 20 05
कुश्ती 22 08
वॉलीबाल 31 09
फुटबॉल 39 01
बास्केटबॉल 17 13
क्रिकेट 39 01
खो-खो 13 12
नोट : उक्त आंकड़े जुलाई माह के हैं।