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गन्ना समिति के चुनाव को लेकर हंगामा

Sun, 31 Jul 2016 12:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
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चुनाव कराने की मांग को लेकर जाम लगाते समर्थक। - फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में गन्ना विकास समिति के सभापति और उपसभापति के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चुनाव कराने को लेकर दिनभर हंगामा होता रहा। कई दलों के नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ नाराज डायरेक्टरों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। विधायक रुचिवीरा के खिलाफ लोगों ने जमकर नारेबाजी की। कलक्ट्रेट के बाहर इन लोगों ने जाम लगाकर अपनी नाराजगी का इजहार किया। इसके बाद अविश्वास प्रस्ताव पर वोट पड़े। अविश्वास प्रस्ताव पारित  होने के बाद  शुरू हुई चुनाव प्रक्रिया  में ब्रजपाल सिंह सभापति तथा जयनारायण सिंह     उपसभापति चुने गए। 
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गन्ना विकास समिति की सभापति रशीदा खातून के खिलाफ नाराज डायरेक्टरों ने मोर्चा खोल दिया था। रशीदा खातून को सभापति बनाने में विधायक रुचिवीरा का हाथ रहा था। समिति के  14 डायरेक्टर हैं। इनमें से 13 निर्वाचित तथा एक नामित डायरेक्टर है। 11 डायरेक्टर ने सभापति राशिदा खातून व  उप सभापति पुष्पेंद्र सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत किया था। अविश्वास प्रस्ताव पर वोट डालने को लेकर भारी खींचतान चल रही थी। सपा नेता भी दो खेमों में बंटे थे। विधायक रुचिवीरा रशीदा खातून के साथ थी। अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान न होने पर विपक्षी खेमे ने हाईकोर्ट का सहारा लिया था। 30 जुलाई मतदान के लिए नियत की गई थी। शुक्रवार को रशीदा खातून ने डीएम को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। शनिवार की सुबह से रालेाद ,भाकियू , बसपा व अन्य दलों के नेता गन्ना समिति कार्यालय में एकत्र हुए। वहां से विधायक रुचिवीरा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे तथा वहां जाम लगा दिया। 
जाम लगाने वाले लोग विधायक रुचिवीरा पर चुनाव न कराने के लिए प्रशासन पर दबाव डालने का आरोप लगा रहे थे। कुछ नेता कलक्ट्रेट में एडीएम प्रशासन राम मूर्ति मिश्रा से मिले । एडीएम ने डीएम से मिलकर नियमानुसार कार्रवाई करने का उन्हें आश्वासन दिया। इस दौरान कुछ लोग कलक्ट्रेट के बाहर सड़क पर बैठ गए। बाद में ये सभी सब एकत्र होकर गन्ना समिति कार्यालय पहुुंचे। वहां डायरेक्टर सभा कक्ष में गए बाकी बाहर रहे। सभा कक्ष में बैठक के दौरान पीठासीन अधिकारी तथा विपक्षी सदस्यों के बीच अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान को लेकर कानूनी दांवपेंच प्रस्तुत किए गए। आखिर में विपक्ष की जीत हुई और 12 में से 11 सदस्यों ने सभापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में वोट किया, जबकि उपसभापति पुष्पेंद्र के खिलाफ 12 में से 10 सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में  मतदान किया। 
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सभापति व उप सभापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया। पीठासीन अधिकारी ने जयपाल सिंह ने सभापति व उपसभापति के नए चुनाव की प्रक्रिया शुरू कराई।
 सभापाति पद के लिए ब्रजपाल सिंह व उपसभापति पद के लिए गांव स्वाहेडी निवासी जयनारायण सिंह ने नामाकंन दाखिल किया। दोनों पदों के लिए एक-एक नामाकंन होने के कारण दोनों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया। वहां से विजयी सभापति व उपसभापति जुलूस की शक्ल की नारेबाजी करते हुए  प्रदर्शनी चौक पहुंचे तथा पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। बसपा के एमएलसी सुबोध पाराशर , जितेंद्र सागर, जिला पंचायत सदस्य संजीव राणा, पूर्व ब्लाक प्रमुख हरवीर सिंह ब्लाक प्रमुख के पति नांगेद्र पंवार , रालोद नेता ज्ञानेंद्र चिकारा,  अलबेल सिंह, भाकियू  जिलाध्यक्ष रामअवतार सिंह, धर्मवीर सिंह धनकड़ आदि रहे।
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