मंडावर के पास समुंद्र सोख से अट गया कनवा ताल।
- फोटो : BIJNOR
बिजनौर। मंडावर के पास स्थित कनवा ताल कभी अपनी निर्मलता के लिए जाना जाता था, लेकिन समुद्र सोख और अतिक्रमण ने इसकी निर्मलता को ही सोख लिया। आज इस पूरे तालाब पर समुद्र सोख फैल चुका है। हर साल इस तालाब किनारे कलंदरीमाता के मंदिर पर मेला भी लगता है, इसके बावजूद इस ओर किसी जनप्रतिनिधि या प्रशासनिक अफसर का ध्यान नहीं गया है।
मंडावर के पास कलंदरी माता मंदिर के किनारे कनवा ताल के नाम से एक तालाब स्थित है। सरकारी रिकॉर्ड की बात करें तो इसका रकबा 52 बीघा है, लेकिन वर्तमान में यह केवल करीब बीस बीघा में ही सिमटकर रह गया है। पांच दशक पहले तक इस तालाब को जिले के सबसे बेहतरीन तालाबों में माना जाता था, क्योंकि इसमें कहीं से गंदा पानी नहीं आता। यह प्राकृतिक जल स्त्रोत से ही पूरे साल पानी से लबालब भरा रहता था। इस तालाब से न जाने कितने पक्षी और वन्य जीव अपनी प्यास बुझाते थे।
इस तालाब के किनारे स्थित कलंदरी माता का मंदिर इसकी महत्ता को और बढ़ा देता है। यह एक मात्र ऐसा तालाब है, जिसे जिला गजेटियर में फोटो के साथ स्थान दिया गया था। जिला गजेटियर में लगे इस तालाब का फोटो देख इसकी निर्मला का अंदाजा लगाया जा सकता है। तालाब किनारे खड़े पेड़ की परछाई भी पानी में साफ नजर आ रही है। वहीं अब वर्तमान की बात करें तो इसे खरपतवार और अतिक्रमण की नजर लग गई। धीरे-धीरे लोगों ने तालाब के किनारे कब्जा करना शुरू कर दिया। रही सही कसर समुद्र सोख नाम की खरपतवार खास ने पूरी कर दी। अब किनारों पर लोगों का कब्जा है तो पानी पर समुद्र सोख ने कब्जा कर लिया है।
वर्जन....
यदि तालाब की जमीन पर कब्जा है तो उसे चिन्हित कर हटवाया जाएगा। जल्द ही तालाब का निरीक्षण किया जाएगा।- मोहित कुमार, एसडीएम सदर, बिजनौर
हम इस तालाब को चिन्हित करेंगे। यदि तालाब बड़ा है तो इसका जीर्णोद्धार कराया जाएगा। पूरे तालाब की सफाई भी कराई जाएगी।- श्याम बहादुर सिंह, एएमए, जिला पंचायत
जिला गजेटियर में मंडावर साफ नजर आ रहा कनवा ताल- फोटो : BIJNOR