फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bijnor News: उधारी की बिजली से रोशन हाे रहे स्कूल और थाना चौकी

विज्ञापन
विज्ञापन
- बिजली विभाग की बकाएदारी के फेर में उलझे क्षेत्रीय सरकारी दफ्तर
विज्ञापन


- लाइन काटने की कार्रवाई से दूर जिम्मेदार अफसरों का मिल रहा संरक्षण

संवाद न्यूज एजेंसी
स्योहारा। सरकारी दफ्तर विद्युत निगम की बकाएदारी के फेर में उलझे हैं। पुलिस थाना चौकी हो या सरकारी स्कूल, उधारी की बिजली रोशन हो रहे है। आम उपभोक्ताओं पर बकाएदारी पर कार्रवाई का चाबुक चलाने वाले जिम्मेदार विभागीय अफसर भी इस ओर खामोशी साधे हैं। न तो सरकारी विभागों से बकाया वसूल की सुध ली जा रही है और न ही कनेक्शन काटने जैसी दूसरी कोई कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। विभागीय अफसरों का यही सौतेला व्यवहार अब आम उपभोक्ताओं को खासा खटक रहा है।

सरकारी महकमों में करोड़ों रुपए बिजली का बिल बकाया है। मगर, इसके बाद भी धड़ल्ले से बिजली का उपभोग हो रहा है। विभागीय अधिकारी इनका कनेक्शन काटने से भी कतराते हैं। जबकि, गरीबों का दस हजार रुपए बकाया होने पर भी कनेक्शन काट दिया जाता और ग्रामीण क्षेत्र में तो ट्रांसफार्मर से विद्युत आपूर्ति ही बंद कर दी जाती है। उधर, सरकारी विभागों को बाकायदा नोटिस देने के बाद भी बिलों का भुगतान न होने पर एसी से लेकर प्रत्येक उपकरण धड़ल्ले से चल रहा है।
विज्ञापन


सरकारी कार्यालयों पर एक करोड़ से अधिक बकाया

सरकारी विभागों पर बकाया राशि की बात करें तो दर्जनभर से अधिक सरकारी कार्यालयों पर लगभग एक करोड़ रुपए से भी अधिक का बिल बकाया है। इसमें सबसे अधिक बिल शिक्षा विभाग और ग्राम सभा का है। सरकारी विभागों पर करोड़ रुपया का बकाया होने के बाद भी बिजली विभाग की ओर से इन्हें नोटिस भेजकर बकाया की जानकारी देने तक ही सीमित रहता है। बावजूद इसके सरकारी विभाग के कार्यालय बकाया विद्युत बिल जमा नहीं करा पाए हैं।
विज्ञापन

किस विभाग पर कितना बकाया

शिक्षा विभाग - 60 लाख से अधिक

ग्राम पंचायत में बने पंचायत भवन, शौचालय व आंगनबाडी केन्द्र - 15 लाख से अधिक

पुलिस थाना - 7 लाख लगभग

स्वास्थ्य विभाग - 1 लाख से अधिक

रेलवे विभाग - 60 हजार से अधिक



जिन सरकारी विभागों पर विद्युत बिल बकाया चल रहा है, उनसे लगातार वार्ता की जा रही है। इसके अतिरिक्त सभी बकाएदारों को नोटिस देकर भी सूचित किया जा रहा है। अब विभाग द्वारा स्मार्ट मीटर लगाने की शुरुआत सबसे पहले सरकारी भवन व कार्यालय से ही होगी। - विनोद गंगवार, अवर अभियंता विद्युत धामपुर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें