इसके बाद यह सिलसिला नहीं रुका और एक के बाद एक 17 जान चली गई। वन विभाग ने गुलदार पकड़ने के लिए अभियान चलाया और 35 से ज्यादा गुलदार पकड़े भी गए, लेकिन हमले नहीं रुके। 34 दिन तक किसी की जान नहीं गई और अब फिर से बढ़ापुर क्षेत्र के ग्राम हसनअलीपुर धर्मा उर्फ खत्रीवाला में 12 वर्षीय बालक जिगर को गुलदार ने मार डाला।
कब-कब गई गुलदार के हमने में जान
-17 फरवरी 23 को नगीना के गांव किरतपुर में किशोरी अदिति को मारा
-4 मार्च 23 नहटौर के गांव बल्लाशेरपुर में मासूम पूर्वी को मारा
-18 मार्च 23 नगीना के गांव काजीवाला में मिथिलेश को मारा
-19 अप्रैल 23 को अफजलगढ़ के गांव सीरवासचंद में तुंगल सैनी को मारा
-23 अप्रैल 23 की रात रेहड़ के गांव उदयपुर चांदपुर में मासूम अर्शी को घर से उठाकर मार डाला
-25 अप्रैल रेहड़ के गांव मूसापुर में खुशी छह वर्ष को ले गया और मार डाला
-26 अप्रैल सुबह घूमने निकले युवक राहुल को मारा
-21 जून को अफजलगढ़ के गांव मोहम्मदपुर राजौरी निवासी कमलेश देवी को उत्तराखंड की सीमा में मारा
-22 जून रेहड़ के गांव मच्छमार में गुलदार ने हमला कर दस वर्षीय बच्चे को मारा
-17 जुलाई को कोतवाली देहात गांव मखवाड़ा में महिला गुड्डी को मारा
-27 जुलाई को गांव तेलीपुरा में युवक 18 वर्षीय संदीप को मार डाला
-30 जुलाई को रेहड़ थाना क्षेत्र के ग्राम भटपुरा में बनैली नदी के पास जमना देवी 19 वर्ष को मार डाला
-02 अगस्त को सिंकदरपुर में जंगल गए एक व्यक्ति को मार डाला, उसका मांस भी खा गया
-27 अगस्त को अफजलगढ़ क्षेत्र के गांव शाहपुर जमाल में गुलदार ने एक महिला (70) की जान ले ली
-28 अगस्त को साहूवाला रेंज के गांव भोगपुर में लघुशंका करने गए 13 वर्षीय किशोर को मार दिया
-28 सितंबर को अफजलगढ़ के गांव माननगर शाहपुरजमाल में गुलदार ने बच्चे को मार डाला
-02 नवंबर को ग्राम हसनअलीपुर धर्मा उर्फ खत्रीवाला में 12 वर्षीय बालक जिगर को मार डाला
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