संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश एमपी सिंह ने जैबुनिशा हत्याकांड में दोषी पाते हुए सरताज को आजीवन कारावास एवं 25 हजार अर्थ दंड की सजा सुनाई है। दोष सिद्ध न होने पर सरताज की मां आमना को हत्या के आरोप से बरी कर दिया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि शेरकोट के ग्राम मनव्वरपुर सैद उर्फ महमदाबाद के शाकीर ने थाना अफजलगढ़ में इस बात का मुकदमा दर्ज करवाया था। 11 सितंबर 2023 को वह अपनी लड़की जैबुनिशा की ससुराल मोहल्ला बेगम सराय साहू साहब कॉलोनी अफजलगढ़ में सुबह 7.30 बजे मौजूद था। उसके साथ उसका लड़का इस्तकार भी था। उसकी लड़की के घर के सामने बारिश का पानी भरा हुआ था। इसी बात को लेकर मोहल्ले के सरताज पुत्र और उसकी मां आमना और जैबुनिशा के बीच गाली गलौज और कहा-सुनी हो रही थी। वादी शाकीर ने घर से बाहर निकाल कर देखा तो उसकी लड़की जैबुनिशा को सरताज की मां आमना ने पकड़ रखा था और आरोपी सरताज ने हाथ में लिए चाकू से उसकी बेटी पर लगातार वार कर रहा था। इस हमले से जैबुनिशा की मौके पर ही मौत हो गई थी। आरोपी सरताज और आमना वादी को जान से मारने की धमकी देकर वहां से फरार हो गए थे।
अफजलगढ़ पुलिस ने मामले के आरोपियों की गिरफ्तारी कर सरताज की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद कर उन्हें जेल भेज दिया। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से नौ गवाह पेश किए गए, जिन्होंने घटना का समर्थन किया। बुधवार को अदालत ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए जैबुनिशा हत्या मामले के आरोपी सरताज को दोषी पाकर आजीवन कारावास की सजा का फैसला सुनाया तो वही इस केस की सहआरोपी सरताज की मां आमना को अदालत ने सबूत के अभाव में बरी कर दिया।