हर प्रकार की संक्रामक बीमारी से बचाता है सैनिटाइजर
बिजनौर। सैनिटाइजर में सोडियम हाइपोक्लोराइड सोल्यूशन का प्रयोग करना अच्छा रहता है। इस सॉल्ट की बड़ी ही महत्ता है। चिकित्सक बताते हैं कि सैनिटाइजर कोरोना समेत करीब-करीब हर प्रकार की संक्रामक बीमारी से बचाता है। सैनिटाइजर एथेनॉल बेस्ड और सोडियम हाइपोक्लोराइड सोल्यूशन के प्रयोग से बनता है।
दुनिया भर में फैले कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए हर कोई अपने स्तर से प्रयास कर रहा है। कोरोना वायरस का खतरा बढ़ने से सैनिटाइजर की डिमांड बढ़ी है। सीएमओ विजय कुमार यादव का कहना है कि करीब 90 प्रतिशत लोग सैनिटाइजर को नहीं जानते थे, लेकिन इस महामारी के आते ही शत-प्रतिशत लोग सैनिटाइजर को अच्छी तरह से जानकर इसका प्रयोग करने लगे हैं। अच्छी क्वालिटी का सैनिटाइजर सोडियम हाइपोक्लोराइड से बना होता है। इसमें औरों की अपेक्षा कीटाणुओं को नाश करने की अधिक क्षमता होती है। यह हैंड सैनिटाइजर और अन्य प्रकार से सैनिटाइजेशन के काम में लिया जाता है। कहीं-कहीं ग्लिसीरीन, एलोविरा आदि को मिलाकर भी सैनिटाइजर बनाया जाता है। इसका प्रयोग भी बेहतर होता है। सोडियम हाइपोक्लोरोइड और ब्लीचिंग पाउडर के मिश्रण को सादे पानी में मिलाकर सैनिटाइजेशन करना भी काफी हद तक कोरोना को हराने में मदद कर सकता है।
कोट
जिला अस्पताल के ऑर्थोपेडिक सर्जन डा. संजय कुमार बताते हैं कि सामान्य सैनिटाइजर के उत्पादन में कम से कम 70 प्रतिशत एथेनॉल, आइसोप्रोपाइल एल्कोहल आदि होने चाहिए। तभी यह अच्छी प्रकार से असरकारक होगा, अन्यथा कितना भी प्रयोग करने पर असर नहीं दिखाएगा। रेडियोलॉजिस्ट बीआर त्यागी ने बताया कि अगर कहीं सैनिटाइजर की व्यवस्था न हो तो हरफनमौला स्प्रिट सबसे बढ़िया सैनिटाइजर माना जाता है। यह आम आदमी की पहुंच तक आसानी से उपलब्ध रहता है। स्प्रिट छोटे से गांव से लेकर बड़े शहरों तक में स्प्रिट मुनासिब दामों पर मिल जाता है।
कोट
जिला औषधि निरीक्षक आशुतोष मिश्रा ने बताया कि वैसे हर समय साफ सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। लेकिन वर्तमान में साफ सफाई का महत्व बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि सबसे पहले अपने शरीर की साफ सफाई के लिए अच्छी क्वालिटी का कीटाणुनाशक साबुन और सैनिटाइजर का प्रयोग करना चाहिए। डिटॉल, सेवलॉन, स्प्रिट और फिनायल आदि को भी सैनिटाइजर के रूप में सावधानीपूर्वक प्रयोग कर सकते हैं। ये सभी चीजें कीटाणुनाशक होती हैं।