बिजनौर। चकबंदी कार्य में लापरवाही पर डीएम जसजीत कौर ने दो लेखपालों और एक कानूनगो का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं। एक अन्य लेखपाल को चेतावनी देने के साथ ही चकबंदी अधिकारी और सहायक चकबंदी अधिकारी का स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश एसीओ चकबंदी को दिए।
बुधवार की शाम कलक्ट्रेट सभागार में चकबंदी कार्याें की प्रगति की समीक्षा बैठक में डीएम ने कहा कि इस माह के अंत तक चकबंदी प्रक्रिया अधीन सभी गांव धारा-7 से शत प्रतिशत बाहर आने चाहिए। उन्होंने एसओसी चकबंदी को निर्देशित किया कि सभी सीओ, एसीओ एवं कानूनगो के कार्यों की प्रगति की प्रतिदिन समीक्षा करें। जिस स्तर पर लापरवाही प्रकाश में आए उनके विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने चकबंदी अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि शासन स्तर से चकबंदी कार्यों की निगरानी की जाती है। इसलिए कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें।
सभी चकबंदी अधिकारियों को निर्देश दिए कि पांच वर्ष या उससे ज्यादा पुराने वादों के निस्तारण को प्राथमिकता दें। ज्यादा से ज्यादा वादों एवं आपत्तियों का निस्तारण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि 1359 फसली से उसका मिलान करने के बाद ही कार्य प्रारंभ करें। उन्होंने पड़ताल प्रक्रियाधीन तथा कब्जा तब्दीली करने वाले गांवों को माह मई के अंत तक पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में एडीएम न्यायिक वान्या सिंह, एसओसी चकबंदी संजय कुमार शर्मा समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।