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वोटरों पर चढ़ा भगवा रंग  

Sun, 12 Mar 2017 10:21 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
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बिजनौर में  जिले में मतदाताओं पर भाजपा का भगवा रंग गहराता जा रहा है। हालांकि 2014 के विधानसभा चुनाव के मुकाबले कुछ सीटों पर भाजपा का वोट प्रतिशत कम हुआ है। फिर भी भाजपा जिले में छह सीट जीतने में कामयाब रही। बिजनौर सीट पर भाजपा का वोट प्रतिशत लोकसभा चुनाव के मुकाबले बढ़ गया है। 2007 के विधानसभा चुनाव में जिले की सातों सीटों पर परचम लहराने वाली बसपा का रंग जिले के मतदाताओं से उतरता जा रहा है। जिले में बसपा का वोट बैंक लगातार उसकी मुट्ठी से रेत की तरह कम होता जा रहा है।
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जिले में भाजपा का रंग गहराता जा रहा है। 2012 के चुनाव में भाजपा को औसतन 20 प्रतिशत से भी कम वोट मिले थे, लेकिन 2012 में मोदी लहर में भाजपा को हर सीट पर प्रचंड बहुमत मिला। भाजपा का वोट प्रतिशत 40 प्रतिशत से भी अधिक पहुंच गया। कुछ सीटों पर भाजपा का प्रतिशत घटा है, लेकिन अभी भी यह 40 प्रतिशत के आसपास ही है। बिजनौर सीट पर इस बार भाजपा का वोट प्रतिशत 2014 से भी ज्यादा हो गया है। जिले के वोटरों पर मोदी का जादू अब भी सिर चढ़कर बोल रहा है। 
2007 के विधानसभा चुनाव में जिले में बसपा का झंडा लहराया था। तब सातों सीटों पर बसपा के विधायक बने थे, लेकिन इसके बाद बसपा का वोट बैंक लगातार कम होता गया। 2012 के चुनाव में बसपा की चार सीट रह गई। दो सीट पर भाजपा व दो पर बसपा जीती। बसपा का वोट प्रतिशत घटकर 30 से नीचे गया। लोकसभा चुनाव में बसपा का वोट प्रतिशत घटकर 25 पर ही आ गया। 2017 के चुनाव में पार्टी नेताओं को उम्मीद थी कि पार्टी के पास पुराना वोट लौट आएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस बार बसपा को औसतन करीब 22 प्रतिशत वोट ही मिले हैं।
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2012 में सपा का वोट प्रतिशत जिले में औसतन 20 प्रतिशत था। सपा के दो विधायक धामपुर से मंत्री मूलचंद चौहान व नगीना से मनोज पारस थे। 2014 के लोकसभा चुनाव में मुस्लिमों के सपा में आने से सपा का वोट प्रतिशत बढ़कर औसतन 25 प्रतिशत हो गया। लोकसभा चुनाव में मोदी लहर में भी सपा नजीबाबाद व नगीना विधानसभा में भाजपा से ज्यादा वोट झटकने में कामयाब रही थी। 2017 में सपा का वोट प्रतिशत बढ़कर 30 प्रतिशत तक पहुंच गया, लेकिन सपा का जादू केवल नजीबाबाद व नगीना सीट पर ही चला।
कांग्रेस के लिए जिले में कुछ नहीं है। 2012 में कांग्रेस को चार सीटों पर औसतन करीब 15 प्रतिशत वोट मिले थे। 2014 में कांग्रेस जिले की सीट से चुनाव नहीं लड़ी। 2017 में सपा से गठबंधन कर कांग्रेस तीन सीट पर चुनाव लड़ी। कांग्रेस को बढ़ापुर में तो लगभग 31 प्रतिशत, चांदपुर में करीब 28 प्रतिशत वोट मिले, लेकिन चांदपुर में 7.52 प्रतिशत वोटों पर ही कांग्रेस की गाड़ी अटक गई।
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नजीबाबाद विधानसभा सीट
पार्टी        2012        2014        2017
भाजपा    27.34        35.62        37.54
सपा        15.29        36.11        36.62
बसपा        33.53        25.08        20.87
कांग्रेस        16.51          ---       ------

नगीना विधानसभा सीट
भाजपा    12.61        34.24        32.95
सपा        46.03        32.75        36.75
बसपा        31.48        26.66        23.67
कांग्रेस        2.90        ------        -----

बढ़ापुर विधानसभा सीट
भाजपा    20.29        44.54        35.44
सपा        4.37        18.36          -----
बसपा        33.82        26.44        21.31
कांग्रेस        19.31         ----         31.02

धामपुर विधानसभा सीट
भाजपा    6.18        40.97        42.58
सपा        33.10        28.74        33.32
बसपा        32.75        26.44        22.19
कांग्रेस        22.95        -------    ------

नहटौर विधानसभा सीट
भाजपा    12.69        44.82        40.59
सपा        19.46        24.71      ------
बसपा        31.26        26.31        25
कांग्रेस        ----         ----।          28.42

बिजनौर विधानसभा सीट
भाजपा      32.93        41.29        42.94
सपा        12.02        28.85        31.84
बसपा        24.42        22.30        20.25

चांदपुर विधानसभा सीट
भाजपा    19.63        46.07        42.26
सपा        21.21        19.48        16.72
बसपा        29.19        26.69        25.94
कांग्रेस         -----         -----         7.24

नूरपुर विधानसभा सीट
भाजपा    26.85        39        38.98
सपा        19.73        33        32.70
बसपा        23.83        21        22.59
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