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बर्निंग ट्रेन बनने से बची सद्भावना एक्सप्रेस

Sun, 03 Jun 2018 12:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
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रेलवे स्टेशन पर क्षतिग्रस्त विद्युत लाइन ठीक करते कर्मचारी। - फोटो : अमर उजाला
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नजीबाबाद में सद्भावना एक्सप्रेस ट्रेन, ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन टूटने से भीषण हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गई। स्पार्किंग के साथ उच्च क्षमता के करंट का तार ट्रेन पर गिरने से खलबली मच गई। एसएलआर में सफर कर रहे दो यात्री घबराकर ट्रेन से कूद गए, जिससे उनके चोटें आईं। करीब दो घंटे तक ट्रेन मुअज्जमपुर रेलवे जंक्शन के आउटर पर खड़ी रही। 
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चंडीगढ़ से लखनऊ जा रही सद्भावना एक्सप्रेस (15012 डाउन) जैसे ही शुक्रवार देर रात मुअज्जमपुर रेलवे जंक्शन के आउटर पर पहुंची, तभी ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन (ओएचई) में जबरदस्त फाल्ट के साथ चिंगारियां छूटने लगीं। ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों में हड़कंप मच गया। चंद सेकेंड में ही ओएचई लाइन टूटकर ट्रेन के एसएलआर कोच पर गिर गई। हालांकि ट्रेन चालक ने ट्रेन की गति काफी धीमी कर ली थी। इसके बावजूद घबराए यात्रियों में हड़कंप मच गया और एसएलआर में सफर कर रहे दो यात्री चलती ट्रेन से नीचे कूद गए। 
गांव गंजोवाली गुड़िया भगतपुर (मुरादाबाद) निवासी 50 वर्षीय अहमद रजा तथा मितरपुर, थाना शाहबाद, रामपुर महावीर सिंह ट्रेन से कूदने से घायल हो गए। 100 यूपी पुलिस के माध्यम से घायलों को जिला चिकित्सालय भेजा गया। आंधी-तूफान के बाद इलेक्ट्रिक लाइन टूटते ही रेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। मुअज्जमपुर रेलवे जंक्शन के स्टेेशन मास्टर जयपाल सिंह ने मुरादाबाद कंट्रोल व आसपास के स्टेशनों को सूचना दी। 
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टीआरडी इंचार्ज नाहर सिंह, पीडब्लूआई केएलवर्मा, टीआई रुड़की, आरपीएफ नजीबाबाद प्रभारी इंद्रकांत शर्मा, जीआरपी प्रभारी एमआर कर्दम स्टाफ के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए। टीआरडी विभाग ने लगभग दो घंटे बाद लाइन सुचारु की, जिसके बाद आउटर पर खड़ी चंडीगढ़-लखनऊ एक्सप्रेस ट्रेन को मुअज्जमपुर नारायण रेलवे जंक्शन तक पहुंचाया गया। 

कई ट्रेनों को डीजल इंजन लगाकर नजीबाबाद भेजा गया
लक्सर और नजीबाबाद के बीच रेलवे की ओएचई लाइन में तकनीकी फाल्ट के चलते डाउन लाइन की स्यालदाह एक्सप्रेस, सहारनपुर-मुरादाबाद मीमो, मालगाड़ी सहित कई ट्रेनों को डीजल इंजन के माध्यम से नजीबाबाद स्टेशन तक भेजा गया। नजीबाबाद से मुरादाबाद दिशा में पुन: इन ट्रेनों को इलेक्ट्रिक इंजन से रवाना किया गया। शनिवार की दोपहर ओएचई लाइन की तकनीकी खराबी दूर होने के बाद इलेक्ट्रिक ट्रेनों का संचालन सुचारू हुआ। 

इंजन पर तार गिरता तो होता बड़ा हादसा 
नजीबाबाद। संयोग से चंडीगढ़-लखनऊ एक्सप्रेस ट्रेन के इंजन के पीछे लगे एसएलआर कोच पर ओएचई लाइन टूटकर गिरी। रेलवे सूत्रों के मुताबिक यदि इंजन पर ओएचई लाइन गिरती, तो भीषण हादसा हो सकता था। 
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