छाछरी मोड़। कोमल है कमजोर नहीं तू, शक्ति का नाम ही नारी है, दरांती उठाकर जब लड़ी तो मौत भी तुझसे हारी है। यह पंक्ति सब्दलपुर निवासी रुखसाना पर सटीक बैठ रही हैं। शनिवार दोपहर पशुओं के लिए चारा लेने गई रुखसाना पर गुलदार ने हमला कर दिया। जान बचाने के लिए दरांती को ही हथियार बना वह गुलदार से ही भिड़ गई। गुलदार वहां से चला गया जबकि घायल महिला को चिकित्सक को दिखाया गया है।
गांव सब्दलपुर निवासी मोहम्मद यामीन की पत्नी रुखसाना शनिवार दोपहर जंगल से पशुओं के लिए चारा लेने गई थी। इस दौरान घात लगाए बैठे गुलदार ने महिला पर हमला कर दिया। गुलदार के हमले में उसने हार नहीं मानी और अपनी जान बचाने के लिए गुलदार से भिड़ गई। शोर मचाने पर पहुंचे ग्रामीणों ने घायल महिला को उपचार के लिए सब्दलपुर के ही एक डॉक्टर के पास ले गए। अब उसकी हालत अब ठीक बताई जा रही है।
इसी जंगल में पिछले एक माह से गुलदार देखा जा रहा है। ग्रामीण शमीम अहमद, यासीन, यामीन, नदीम, सलीम, शाहरुख, चमन लाल, उमेश, दिलशाद साजिद आदि ने वन विभाग से गांव के जंगल में पिंजरा लगाकर गुलदार पकड़ने की मांग की है।