जिले में आरटीपीसीआर जांच लैब का शुभारंभ
बिजनौर। जिला अस्पताल में स्थापित की गई आरटीपीसीआर जांच लैब का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्चुअल रूप से विधिवत शुभारंभ किया। अब लोगों के नोजल और थ्रॉट स्वाब आरटीपीसीआर जांच के लिए जिले से बाहर की प्रयोगशालाओं में नहीं भेजे जाएंगे। अब जनपद में ही आरटपीसीआर जांच होगी।
रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला महिला अस्पताल के पुराने भवन में बनी आरटीपीसीआर जांच लैब का वर्चुअल रूप से विधिवत शुभारंभ किया। अफसरों के अनुसार इस लैब में एक दिन में एक हजार सैंपल टेस्ट किए जा सकते हैं। देश ही नहीं वर्तमान में पूरी दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रही है। शासन के निर्देश पर जिले में जांच का दायरा बढ़ाने के लिए आरटीपीसीआर जांच लैब स्थापित की गई है। इससे पूर्व केवल रैपिड एंटीजन किट से और ट्रूनॉट मशीन से जांच की जाती थी। आरटीपीसीआर जांच के लिए नोजल और थ्रॉट स्वाब लेकर जांच के लिए दूसरे जनपद की लैब में भेजे जाते थे, लेकिन अब जनपद में ही आरटीपीसीआर जांच हुआ करेगी।
सीएमओ डा. विजय कुमार गोयल एवं जिला अस्पताल के सीएमएस डा. अरुण कुमार पांडेय ने बताया कि इस लैब में प्रतिदनि एक हजार सैंपल टेस्ट किए जा सकते हैं। सुबह के लिए गए सैंपल की जांच रिपोर्ट शाम तक आ जाया करेगी। इससे एक ओर स्वास्थ्य विभाग को लोगों के नोजल और थ्रॉट स्वाब आरटीपीसीआर जांच के लिए जनपद से बाहर की लैबों में भेजने के बाध्य नहीं होना पड़ेगा तो वहीं दूसरी तरफ जनपदवासियों को अपनी आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट मिलने में दो से चार दिन का इंतजार भी नहीं करना होगा। अब जिले भर के सैंपलों की आरटीपीसीआर जांच इसी लैब में हुआ करेगी। इस अवसर पर सीएमओ डा. विजय कुमार गोयल, जिला अस्पताल के सीएमएस डा. अरुण कुमार पांडेय, महिला सीएमएस डा. प्रभा रानी, जिला सर्विलांस अधिकारी डा. एस.के. निगम, लैब के नोडल अधिकारी डा. संजय कुमार शंकर, कोरोना के सैंपल नोडल अधिकारी डा. बीएस रावत आदि अधिकारी मौजूद रहे।