स्वयंसेवकों ने किया पथ संचलन
बिजनौर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों ने रविवार सुबह शहर में पथ संचलन किया। इसमें नगर की 15 शाखाओं के स्वयंसेवक शामिल हुए। शहर में जगह-जगह पथ संचलन में शामिल स्वयंसेवकों पर पुष्प वर्षा हुई।
स्वयंसेवक तीन टोलियों में संचलन में शामिल हुए। तीनों टोलियो का संगम शक्ति चौक पर हुआ। तीनों टोलियों में आवास विकास से विपुल चौहान, दीपक चौहान, विकास चौहान, महादेव से प्रिंस कुमार, विक्रांत शर्मा, सचिन कुमार रामलीला ग्राउंड से राघव मेहरा, मयंक व जयंत के नेतृत्व में पथ संचलन शक्ति चौक पर पहुंचा। जहां से पथ संचलन डीएवी कॉलेज के लिए रवाना हुआ। कार्यक्रम की व्यवस्था में मंच सज्जा अनुराग मल्होत्रा व राष्ट्रीय स्वयंसेविका समिति की मधुमिता देशवाल, संयोग, सचिन त्यागी व पुनीत ने किया। सुरक्षा व्यवस्था में बजरंग दल के जिला संयोजक आदित्य चौधरी, जिलाध्यक्ष मनोज शर्मा व बजरंग दल की पूरी टीम रही। गणवेश व्यवस्था में दीपक काली व हिमांशु कुमार लगे रहे।
एकल गीत बौद्धिक प्रमुख अरुण चौधरी, रविंद्र आदि ने किया। इस दौरान मार्ग पर किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो सुरक्षा व्यवस्था में नगर कार्यवाह राघव मेहरा, शारीरिक प्रमुख विपुल कुमार, नगर प्रकृति प्रमुख विक्रांत शर्मा, नगर प्रचारक प्रिंस कुमार, विकास कुमार, मयंक शर्मा आदि देखरेख कर रहे थे। इस दौरान विभाग प्रचारक कौशल कुमार, सह विभाग प्रचार प्रमुख मयंक मयूर, विभाग सह कार्यवाह प्रशांत महर्षि, मूलचंद आदि उपस्थित रहे। प्रचार की जिम्मेदारी विभाग प्रचार प्रमुख मयंक मयूर, विहिप के सह प्रांत प्रमुख ललित जोशी, जिला प्रचार प्रमुख अजय पाल सिंह, नगर प्रचार प्रमुख देवेंद्र पाल चीनू की मौजूद रहे।
स्थापना शताब्दी तक प्रत्येक परिवार तक पहुंचेगा संघ : विनोद
डीएवी कॉलेज में हुए कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मेरठ प्रांत के सह प्रांत प्रचारक विनोद ने हिंदू नव वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का महत्व समझाते हुए कहा कि यह दिवस सृष्टि का आरंभ दिवस है। पूर्ण वैज्ञानिक और प्रकृति के अनुकूल है। कहा कि संघ के संस्थापक डॉ. केशवराव बलीराम हेडगेवार का जन्म एक अप्रैल 1889 को नागपुर में गरीब ब्राह्मण परिवार में वर्ष प्रतिपदा के दिन हुआ था। डॉ. हेडगेवार ने समाज की दिशा व दशा बदलने के लिए अपना पूर्ण जीवन लगा दिया। वर्तमान समय में जो भी चुनौतियां हैं उनसे पार पाने के लिए संघ की रीति नीति पर स्वयंसेवकों को दृढ़ निश्चय करके चलना होगा। संघ की रीति नीति को प्रत्येक गांव, शहर, नगर, महानगर के प्रत्येक घर की आत्मा में बसाने की जरूरत है। इसके लिए संघ के कार्यकर्ताओं को जुट जाना है। संघ का शताब्दी वर्ष 2025 में पूर्ण होने जा रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता अमरपाल शर्मा ने की। संघ के नगर संघ चालक विकास लटियाल मुख्य वक्ता के साथ मंच पर रहे।