इस बार जिले में उत्पादित पीबी-06 बासमती चावल ईरान में अपनी खुशबू फैलाएगा। कृषि वैज्ञानिकों ने शोध के आधार पर इस प्रजाति को नार्थ वेस्ट प्लेन जोन के लिए सबसे अधिक उपयुक्त माना है।
कृषि विभाग के कर्मचारी गांव-गांव जाकर किसानों को पीबी-06 प्रजाति की बुवाई करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। जिला कृषि अधिकारी प्रमोद सिरोही के अनुसार 15 मई से धान की नर्सरी डालने का काम शुरू हो गया है।
इस बार मानसून अच्छा रहने की संभावना है। किसान 15 जून से धान की नर्सरी का ट्रांसप्लानटेशन अर्थात रोपण शुरू कर देंगे। जिले की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार सामान्य धान में पंत धान-18 प्रजाति है।
उपज 112 क्विंटल प्रति हेक्टयेर है। यह 130 दिन में मैच्योर अर्थात पक जाती है। बासमती में पूसा बासमती 1509 प्रजाति है। यह 120 दिन में पक जाता है।
कम अवधि में पकने वाली इस सर्वोत्तम प्रजाति की पैदावार 50 क्विंटल प्रति हेक्टेअर है। इसमें कोई बीमारी नहीं लगती। इस प्रजाति का जिले के सरकारी फार्म में उत्पादन किया जाता है।
ब्रीडर सीड पंतनगर से प्राप्त किया गया है। सबसे अधिक खुशबूदार प्रजाति पीबी-06 है। पोषक तत्वों से युक्त खाने में हल्का इस प्रजाति के रेट बासमती में सबसे अधिक हैं। यह 135 दिन में पकती है। कृषि बीज केंद्रों से धान के बीज का वितरण शुरू हो गया है।