ससुरालियों पर दहेज उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज
किरतपुर। गांव भरेकी नहर से दो दिन बाद भी दो मासूमों के शव नहीं मिल सके हैं। नहर में पानी कम होने के बाद गोताखोर भी वहां से चले गए। महिला के शव का पोस्टमार्टम होने के बाद मायके वाले शव को अपने साथ ले गए। मायके वालों ने महिला के ससुरालवालों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
किरतपुर थाने के गांव भरेकी में पति से विवाद के बाद मंगलवार को गौरव की पत्नी सुनीता अपने दो मासूम बच्चे ललित व दीपक को नहर में फेंकने के बाद तीन माह के आकांशु के साथ नहर में कूद गई थी।
दीपक को खेत में काम कर रहे मेहर ने बचा लिया था। पर सुनीता व दो मासूम को वह नहीं बचा पाया। सुनीता का बुधवार को नहर से शव मिल गया। दो मासूम ललित व आकांशु नहर से नहीं मिले हैं। बृहस्पतिवार को नहर का पानी कम हो गया। गोताखोर भी नहर के पास से चले गए। अब गांव वाले ही दोनों मासूमों को ढूंढने में लगे हैं। सुनीता के शव को पोस्टमार्टम होने के बाद मायके वाले शव को अपने साथ ले गए हैं।
सुनीता के भाई संजीव ने किरतपुर थाने में सुनीता के पति गौरव, ससुर पतराम, सासर शीला, जेठ प्रमोद, देवर सौरभ व ननद सोनम के खिलाफ दहेज उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोप लगाया है कि दहेज की खातिर आरोपी सुनीता के साथ उसके साथ मारपीट करते थे। इस बात से तंग आकर सुनीता ने अपने बच्चों के साथ नहर में कूद कर जान दे दी। इस मामले की जांच सीओ नजीबाबाद करेंगे।