स्योहारा। नगर पालिका ने जिसकी मौत का प्रमाणपत्र जारी किया, उसी के नाम पर सात साल तक दुकान का किराया लेकर रसीदें कटती रही। मृतक के पुत्रों ने पालिका को कई बार पिता का मृत्यु प्रमाणपत्र व वारिसान देकर दुकानों का स्थानांतरण करने की मांग की लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी।
नगर पालिका की 114 दुकानें लंबे समय से किराये पर चल रही हैं। स्टेशन रोड पर डाॅ. नेमीशरण वर्मा पुत्र मल्हू सिंह के नाम पर पालिका की छह दुकानें आवंटित थीं। अन्य दुकानों के साथ इनका भी एग्रीमेंट वर्ष 2006 में खत्म हो गया था। 12 फरवरी 2016 को डाॅ. नेमीशरण वर्मा की मौत हो गई। नगर पालिका द्वारा 16 फरवरी 2016 को उनका मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया गया।
उसके बाद भी पालिका की ओर से मृतक डाॅ. नेमीशरण वर्मा के नाम से दुकानों के किराये के नाम पर 26 मार्च 2016 को 12144 रुपये, सात दिसंबर 2018 को 18216 रुपये, सात अप्रैल 2021 को 12144 रुपये, 27 अप्रैल 2022 को 6072 रुपये व 12 अप्रैल 2023 को 6072 रुपये प्राप्त कर रसीदें काटी गईं। डाॅ. नेमीशरण वर्मा के पुत्र डाॅ. विनीत देवरा का कहना है कि पिता की मृत्यु के बाद दुकानें अपने नाम करवाने के लिए वर्ष 2016 से वह लगातार पालिका में प्रार्थना पत्र दे रहे हैं, मगर अधिकारियों ने उनके नाम दुकानों का स्थानांतरण नहीं किया।