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क्रय केद्र पर किसानों से धान खरीदने से इंकार

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क्रय केंद्र पर किसानों से धान खरीदने से इंकार
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कादराबाद। धान क्रय केंद्र पर किसानों का धान खरीदने से मना कर दिया गया। धान को गंदा व बारदाना न होने की बात कहकर किसानों को वापस लौटा दिया गया। किसानों का आरोप है कि उन्हें पास की राइस मिल पर सस्ते दामों पर धान बेचने को कह दिया गया। बाद में यही धान राइस मिल मालिक से ऊंची कीमत में खरीद लिया जाएगा। इसमे राइस मिल व केंद्र के दोनों के कमीशन तय हैं। एक किसान ने धान की खरीदारी न होने पर आत्मदाह की चेतावनी दी है। किसान के खिलाफ समिति के पदाधिकारियों ने गाली गलौच की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
कादराबाद किसान सेवा सहकारी समिति क्रय केंद्र पर कई किसान एक सप्ताह से धान लेकर आ रहे हैं। लेकिन उनके धान को गंदा बताकर समिति कर्मचारी वापस लौटा देते हैं। तुरतपुर, कल्लूवाला में बने क्रय केंद्रों का भी यही हाल है। किसान विपिन कुमार,धर्म सिंह, जितेंद्र कुमार, विपिन शर्मा, रणजीत सिंह आदि कहना है कि वे इन क्रय केंद्रों पर धान लेकर जा रहे हैं तो केंद्र प्रभारी धान गीला व बारदाना न होने का हवाला देकर किसानों को टरका देते हैं। उनको केंद्रों के चक्कर काटते एक सप्ताह हो गया, लेकिन धान नहीं बिका। तमाम किसानों को केंद्रों से वापस कर दिया गया। पांच दिन से उनकी ट्रैक्टर ट्राली समिति के मैदान में खड़ी हैं, किंतु केंद्र प्रभारी धान तौलने को तैयार नहीं है। ज्यादा कहने पर उनसे अभद्रता भी की जाती है। विवाद भी हो रहे हैं।
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केंद्र प्रभारी उनके धान को राइस मिल पर सस्ते दाम में बेचने की बात कहकर वापस भेज रहे हैं। किसानों का आरोप है कि क्षेत्र में चल रहीं राइस मिलों से केंद्र प्रभारियों का मोटा कमीशन तय है। राइस मिल संचालक किसानों का धान कम कीमत पर खरीदकर उसे सुखाते हैं। उसके बाद क्रय केंद्र प्रभारियों को सरकारी रेट पर बेच देते हैं। केंद्र प्रभारियों की इस लालफीताशाही की वजह से एक महीना बीतने के बाद भी क्रय केंद्रों के लक्ष्य पूरे नहीं हुए हैं। कर्मचारियों के रवैये से आजिज आकर गांव कादराबाद के विपिन कुमार ने सोमवार तक धान न खरीदे जाने पर आत्महत्या की चेतावनी दी है। किसानों का आरोप है कि वह एक सप्ताह से परेशान हैं। कादराबाद समिति के पदाधिकारी उनका धान खराब बताकर केंद्र से वापस भेजा रहा है।
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किसान का धान गंदा : एमडी
उधर समिति के प्रबंध निदेशक मदन सिंह का कहना है कि उक्त किसान का धान गंदा है, जिसे मिल ने लेने से इंकार कर दिया। इसका सैंपल मौजूद है। उन्होंने यह भी बताया कि किसान ने क्रय केंद्र इंचार्ज विनोद कुमार के साथ गाली गलौच की। इसकी तहरीर दे दी गई है।
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किसान की समस्या का होगा निदान:एडीओ
समिति के एडीओ सुनील कुमार यादव का कहना है कि शीघ्र ही किसानों की समस्या का निराकरण होगा। अगर पीसीएफ समय से अपनी गाड़ियों से खरीदे गए धान का उठान कर ले तो समस्या से निपटा जा सकता है।
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जांच कर कार्रवाई होगी : एसडीएम
एसडीएम धीरेंद्र सिंह का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। किसान का धान क्रय केंद्र पर लेने से कोई इंकार नहीं कर सकता।
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