एक दिन में रिकार्ड 52.97 लाख पौधे लगाए
बिजनौर। रविवार को जिले में रिकार्ड पौधरोपण किया गया। एक ही दिन में 52 लाख 97 हजार 650 पौधे लगाए गए। हर विभाग ने पौधरोपण अभियान में हिस्सा लिया। पौधरोपण में गंगा किनारे बड़े पैमाने पर पौधे लगाए गए हैं। दो हजार हेक्टेयर से ज्यादा जमीन में पौधरोपण किया गया।
प्रदेश में रविवार को 25 करोड़ पौधे लगाए गए जबकि अकेले बिजनौर जिले को 53 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया था। पौधे लगवाने का लक्ष्य सभी विभागों को दिया गया था। रविवार सुबह छह बजे से ही जिले में सभी विभाग पौधारोपण में जुट गए। गंगा किनारे सैकड़ों बीघा जमीन में पौधारोपण किया गया। कमिश्नर वीके सिंह, डीएम रमाकांत पांडेय, एसडीएम बृजेश कुमार, डीएफओ डा.एम सेम्मारन, सीडीओ केपी सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष सुभाष वाल्मीकि ने गंगा बैराज पर पौधरोपण किया। इसके बाद रावली बंधे के पास तीन हेक्टेयर में किए गए सघन पौधरोपण अभियान का निरीक्षण किया। कमिश्नर ने कहा कि पौधारोपण से हर तरह के प्रदूषण को कम किया जा सकता है। गंगा किनारे पर हर साल कटान करती है। पौधे लगाए जाएंगे तो गंगा कटान नहीं होगा। पौधों से फल, फूल सब कुछ प्राप्त होगा। वनों से रोजगार भी मिलता है। उन्होंने कहा कि केवल एक दिन का अभियान चलाकर पौधों को भूल नहीं जाना है। पौधों की देखभाल भी करनी है। समय समय पर पौधों की रेंडम चेकिंग कराई जाएगी। कमिश्नर ने कहा कि पौधरोपण के लिए आम जनता में भी जागरूकता लाएं। अगर कोई संस्था अपने स्तर से पौधरोपण करना चाहती है तो उसे पौधे उपलब्ध कराए जाएं।
दो हजार हेक्टेयर से ज्यादा जमीन में पौधरोपण
सामाजिक वानिकी प्रभाग बिजनौर द्वारा 945 व नजीबाबाद द्वारा 1093 हेक्टेयर जमीन में पौधारोपण किया गया। कुल 14 हजार 238 स्थानों पर पौधरोपण किया गया।
पौधों की विविधता का रखा ध्यान
पौधरोपण में पौधों की विविधता का भी ध्यान रखा गया। सागौन, शीशम, यूकेलिप्टस, नीम, कंजी, सेमल, सीरस, खैर के 34 लाख 43 हजार पौधे लगाए गए। इनकी लकड़ी व्यवसायिक महत्व की होती है। फलदार प्रजातियों में आंवला, अमरूद, जामुन, आम के नौ लाख 53 हजार 650 व औषधीय प्रजातियों में नीम, अर्जुन, आंवला व सहजन के नौ लाख एक हजार पौधे लगाए गए।