बिजनौर। ये अबला का तमगा अपने पास रखो, ये चूड़ी-बिंदी शृंगार है मेरा। ये कड़छी, ये कलम हथियार है मेरा, कब कहां इस्तेमाल करना है ये अधिकार है मेरा। इन लाइनों के साथ एसडीएम रितु चौधरी ने महिलाओं को अपराजिता का मंत्र दिया। बालिका शिक्षा और सुरक्षा के आयामों पर भी चर्चा करते हुए कहा कि महिलाएं अपनी शक्ति पहचाने। मौका था अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित अपराजिता कार्यक्रम का।
शनिवार को चांदपुर के फादरसन पब्लिक स्कूल में अपराजिता कार्यक्रम में पुलिस प्रशासन की महिला अफसरों और सफल महिलाओं ने आत्मनिर्भरता और सुरक्षा के गुर बताए। कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी सैकड़ों महिलाओं ने हिस्सा लिया। जिन्हें शिक्षा, रोजगार, सुरक्षा से लेकर जिम्मेदारी के अन्य पहलुओं के बारे में भी बताया गया। बताया गया कि खुद को अबला नहीं समझना है। वो वक्त बीत चुका है, जब नारी को कमजोर समझा जाता था। अब महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी मजबूत स्थिति दर्ज करा रही है। साथ ही सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई। उन्हें महिला हेल्पलाइन और महिला अधिकारोंं के प्रति जागरूक किया। महिलाओं को जिम्मेदारियों के साथ-साथ अपनी सेहत का ख्याल रखने की भी सीख दी गई। तहसीलदार प्रभा सिंह ने भी महिलाओं को जागरूक किया। कार्यक्रम में शहर की महिला चिकित्सकों, शिक्षिकाओं और अन्य सफल महिलाओं ने भी संबोधित किया।
शिक्षा ही संवारेगी बेटियों का भविष्य
महिला सशक्तिकरण तभी संभव है, जब नारी शिक्षित होगी। परिवार में बेटियों के साथ कोई भेदभाव नहीं करना है। बेटों की तरह ही बेटियों की परवरिश की जाए। बिना शिक्षा के सशक्तिकरण भी संभव नहीं है। इसलिए बालिकाओं को पढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़नी है। शिक्षा ही आपकी बेटी के भविष्य को संवारेगी। रितु चौधरी, एसडीएम चांदपुर
चुप्पी हो सकती है नुकसानदेह
महिलाओं को अपने खिलाफ होने वाले अपराधों के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। प्रदेश सरकार की ओर से जारी हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी हर महिला को होना जरूरी है। उत्पीड़न के खिलाफ अगर चुप्पी साधी तो यह नुकसानदायक साबित हो जाती है। किसी भी परेशानी में 112, 1076, 1090 पर कॉल करें। निडर बनें और गलत बातों का विरोध करें। सुनीता दहिया, सीओ चांदपुर
स्वावलंबी बनना बेहद जरूरी
परिवार, समाज और देश के निर्माण में महिला अहम भूमिका निभाती है। महिलाओं को समय के साथ कदमताल करते हुए खुद के अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए। एक दूसरे की परेशानियों में मदद करते हुए स्वावलंंबी बनना बेहद जरूरी है। आभा सिंह
महिलाओं को बांटे गए लिहाफ
कार्यक्रम में आभा फाउंडेशन की ओर से 600 महिलाओं को लिहाफ का वितरण किया गया। फाउंडेशन की संस्थापक आभा सिंह ने महिलाओं को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
चांदपुर के फादरसन पब्लिक स्कूल में अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता कार्यक्रम में मंचासीन अतिथिगण।