बेगावाला। रावली के पास मालन नदी के रपटे से बहे रविंद्र का 24 घंटे बाद भी कोई सुराग नहीं लग सका। शनिवार को पीएसी की 23वीं वाहिनी के बाढ़ राहत दल और स्थानीय गोताखोरों ने सुबह से देर शाम तक नदी में तलाश अभियान चलाया, लेकिन सफलता नहीं मिली। पुलिस ने एहतियात के तौर पर रपटे पर आवागमन पूरी तरह बंद करा दिया है।
ग्राम कूकड़ा, ब्लॉक हल्दौर निवासी रविंद्र (43) पुत्र अतर सिंह शुक्रवार को अपनी ससुराल गांव शहजादपुर जा रहे थे। रावली-ब्रह्मपुरी के बीच मालन नदी पर बने रपटे को पार करते समय यह हादसा हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नाव आने में देरी होने पर रविंद्र ने पैदल ही रपटा पार करने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने तेज बहाव को देखते हुए उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन वह आगे बढ़ गए। इसी दौरान अचानक पैर फिसलने से वह तेज धारा में बह गए।
गोताखोरों ने नदी में तलाश शुरू कर दी थी। देर शाम तक चले अभियान के बाद भी रविंद्र का पता नहीं चल सका। शनिवार को प्रशासन के निर्देश पर पीएसी मुरादाबाद की 23वीं वाहिनी का बाढ़ राहत दल भी मौके पर पहुंचा और सर्च अभियान में जुट गया। देर शाम तक टीम नदी में तलाश करती रही, लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी। परिजनों के अनुसार, रविंद्र अंबाला में मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। वर्ष 2004 में उनकी शादी शहजादपुर निवासी ज्ञान सिंह की पुत्री से हुई थी। दंपति की कोई संतान नहीं है।