कोरोना संक्रमण से निजात के लिए रवि पढ़ रहे कुरान
नजीबाबाद। वैश्विक महामारी कोरोना से निजात के लिए रवि कपूर इस रमजान छह बार कुरान मुकम्मल कर चुके हैं। कुरान पढ़ने का सवाब रवि कपूर दुनिया के संक्रमितों को जल्द आराम होने और दुनिया से रुखसत हो चुके लोगों की मगफिरत की दुआ में पहुंचा रहे हैं।
इंसानियत, अपनत्व और वैश्विक संकटों के आगे धर्म-जाति मायने नहीं रखते। नगर के रवि कपूर ऐसी ही विचार धारा से जुड़े इंसान हैं। राष्ट्रप्रेम और समरसता उनकी रगों में बसा है। एक दशक से रवि कपूर रमजान में कुरान शरीफ पूरे महीने पढ़ते हैं। रवि कपूर हिंदी वर्जन में कुरान शरीफ को रमजान माह में सात से आठ बार मुकम्मल कर लेते हैं। रवि कपूर इस बार जानलेवा कोरोना संक्रमण की महामारी से निजात के लिए कुरान शरीफ को पढ़ रहे हैं।
इस रमजान रवि कपूर ने अब तक छह कुरान शरीफ मुकम्मल कर लिए हैं। जल्द ही उनका सातवीं बार कुरान मुकम्मल हो जाएगा। ईद का चांद नजर आने से पूर्व रवि ने आठवां कुरान पूरा करने का अहद लिया है। रवि कपूर कहते हैं कि धार्मिक पुस्तकें इंसानियत, प्यार-मोहब्बत और सर्वधर्म संभाव का पैगाम देतीं हैं। इंसान के अंदर रहने वाला लहू एक रंग का होता है। इंसानी रिश्ते बनाए रखना हर इंसान का फर्ज है। उन्होंने कहा कि इस बार रमजान शुरू होने से पूर्व ही उन्होंने कुरान शरीफ पूरा होने का सवाब कोरोना संक्रमण में मरे लोगों की शांति/मगफिरत के लिए और दुनिया को कोरोना से निजात के लिए कुरान पढ़ी है।
कागज के राष्ट्र ध्वज का प्रचलन रोकने का चला रहे अभियान
नजीबाबाद। रवि कपूर राष्ट्र ध्वज के सम्मान के प्रति चिंतित हैं। उनका कहना है कि राष्ट्रीय पर्वों पर बाजारों में आने वाले कागज के तिरंगे झंडों से देश की अस्मिता को चुनौती मिलती है। इस्तेमाल के बाद झंडों को सड़कों और नालियों में फेंक दिया जाता है, जिससे राष्ट्रध्वज का अपमान होता है। रवि कपूर कागज के राष्ट्र ध्वज का प्रचलन बंद करने के लिए एक दशक से अभियान चला रहे हैं। राष्ट्रपति से प्रधानमंत्री तक पोस्टकार्ड पर हजारों हस्ताक्षर अभियान के साथ रवि कागज के ध्वज प्रचलन पर प्रतिबंध की मांग उठाते आए हैं। रवि कपूर का मानना है कि आज नहीं तो कल राष्ट्र ध्वज के गौरव को कागज के झंडों के माध्यम से पहुंच रही ठेस रोकने के लिए इनका प्रचलन सरकार को बंद करना होगा।