धामपुर में गन्ने का अवलोकन करते डीसीओ बिजनौर व अन्य अधिकारी।
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बिजनौर में कई जिलों के डीसीओ एवं गन्ना शोध संस्थान के वैज्ञानिकों ने गांवों में जाकर किसानों के गन्ना प्लाटों का निरीक्षण किया तथा पेड़ी प्रबंधन को प्रदेश में नंबर वन बताया है। अधिकारी व वैज्ञानिक ट्रैंच विधि से बोए गन्ने की लंबाई तथा वजन देखकर हतप्रभ रह गए।
गन्ना विभाग के पेड़ी प्रबंधन पर किए प्रयासों से जिले में गन्ने की पैदावार बढ़ी है। कई किसानों ने पैदावार में रिकार्ड बनाकर राज्यस्तरीय पुरस्कार जीते हैं। इस पर गन्ना आयुक्त ने प्रदेश के गन्ना अधिकारियों एवं वैज्ञानिकों की टीम अध्ययन के लिए बिजनौर भेजी। डीसीओ ओपी सिंह के अनुसार शनिवार को दो टीमों ने कई गांवों में जाकर गन्ने के प्लाट देखे। शेरपुर कासमपुर के किसान विजय कुमार जैन ने 0238,160 व 118 प्रजाति का गन्ना सिंगल बड़ विधि से बोया है। बालापुर के किसान ब्रह्पाल सिंह द्वारा तैयार गन्ना पौधशाला प्रदेश में एक मात्र उदाहरण है। दोनों किसानों के खेतों में खड़े गन्ने की लंबाई 14-15 फुट है। एक गन्ने का वजन दो किलोग्राम है।
एक मेढ़े में 14-15 गन्ने हैं। टीम में कानपुर के डीसीओ डॉ. अजय सिंह, हरदोई के डीसीओ संजय सिंह, सहारनपुर के डीसीओ रामभद्र द्विवेदी, मुजफ्फरनगर के डीसीओ ओमप्राश, शामली के डीसीओ अनिल कुमार तथा गन्ना शोध संस्थान के प्रिंसिपल साइंटिस्ट डॉ.् मैनेजर सिंह शामिल रहे।