बिजनौर। डीएफओ एम सेम्मारन पर बिजनौर रेंज के रेंजर ने कर्मचारियों पर दबाव बनाकर फर्जी बिल बनाने व मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। वन संरक्षक मुरादाबाद से की शिकायत में रेंजर ने यह भी आरोप लगाया है कि डीएफओ ने 2600 किमी दूर अपने गृहराज्य तमिलनाडु से पौध मंगवाई और मोटा कमीशन लिया जबकि इसकी पौध जिले में भी मिलती है।
रेंजर ने डीएफओ के परिजनों के बैंक खाते की डिटेल देते हुए आरोप लगाया कि लकड़ी ठेकेदारों व अन्य लोगों से डीएफओ ने परिचितों के खातों में रुपये ट्रांसफर कराए हैं। डीएफओ ने रेंजर के आरोप गलत बताते हुए उनके खिलाफ कई मामलों में चार्जशीट लगाए जाने की बात कही है।
रेंजर शरद गुप्ता ने वन संरक्षक को की शिकायत में बताया कि डीएफओ अधीनस्थ कर्मचारियों को दबाव में डालकर फर्जी बिल बनवाते हैं। ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ चार्जशीट बनाने या निलंबित करने की धमकी दी जाती है। उन्होंने कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए कि डीएफओ ने अपने कार्यकाल में कितने कर्मचारियों को किस वजह से निलंबित किया और फिर किस आधार पर बहाल किया। आरोप लगाया कि डीएफओ द्वारा अपने चहेते ठेकेदारों से काम कराया जाता है और इसका विज्ञापन भी नहीं निकाला जाता।
नियमानुसार पौधारोपण के लिए मनरेगा श्रमिकों से गड्ढ़े खुदवाने का प्रावधान है ताकि मजदूरों को रोजगार मिले। आरोप लगाया कि डीएफओ द्वारा ट्रैक्टर व मशीन से गड्ढ़े खुदवा जाते हैं। डीएफओ ने बिजनौर रेंज की पौधों की नर्सरी में कमरे का बिल बनाया गया है और इसकी लागत तीन लाख रुपये दर्शाई है जबकि कोई निर्माण नहीं हुआ।
आरोप लगाया कि सोलर पंप भी बिना लगवाए ही सात लाख रुपये का बिल बनवा लिया। आरोप लगाया कि डीएफओ ने 2600 किमी दूर अपने गृह राज्य तमिलनाडु से दो लाख रुपये के सागौन के पौधे मंगवाए जबकि ये पौधे बिजनौर की नर्सरियों में भी मिलते हैं।
रेंजर ने आरोप लगाया कि डीएफओ वन विभाग के ठेकेदारों से मोटा कमीशन लेते हैं और अपने परिचितों के बैंक खातों में जमा करते हैं। डीएफओ खुलेआम कहते हैं कि उनके ऊपर तक संबंध हैं और उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है। रेंजर ने कहा कि उनका भी छह माह से वेतन नहीं दिया गया है। जबकि वन संरक्षक कार्यालय से भी उनका वेतन पास किया जा चुका है। उन्होंने डीएफओ के खिलाफ विभागीय जांच कराने की मांग की है।
उधर डीएफओ डा.एम सेम्मारन ने सभी आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि रेंजर ने नीलगाय का शिकार करने वाले एक व्यक्ति को रिश्वत लेकर छोड़ दिया। उन्होंने नर्सरी में 1.3 लाख पौधे तैयार नहीं कराए। वे पैसे लेकर पलेज की खेती कराते हैं। उनके खिलाफ चार्जशीट तैयार की गई है। रेंजर शरद गुप्ता अपने खिलाफ कई मामले होने के कारण ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं। कोई बिना सूचना दिए छुट्टी जाएगा तो उसे वेतन कैसे दिया जाएगा।