कालागढ़ में राम गंगा नदी का कम होता जलस्तर ।
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कालागढ़ में रामगंगा बांध के जलाशय से की जा रही निकासी के चलते बांध का भंडार खत्म हो गया है, जिसकी वजह से रामगंगा पावर हाउस से बिजली का उत्पादन बंद कर दिया गया है। इस बार उत्तर प्रदेश का सिंचाई विभाग बांध का क्लोजर करने जा रहा है, जिसके चलते बांध में पानी का स्तर काफी कम किया जाना है। जिससे इस बार गर्मियों में कालागढ़ पावर हाउस से बिजली उत्पादन होने की संभावना बहुत ही कम हो गई है।
रामगंगा बांध परियोजना के पावर हाउस से बिजली का उत्पादन बांध से मिल रहे पानी के लेवल के कम हो जाने की वजह से बंद कर दिया गया है। अब यह उत्पादन बांध के जलस्तर के बढ़ने के बाद ही हो सकेगा। इस बार गर्मियों में बिजली की आपूर्ति कालागढ़ पावर हाउस से होने की संभावना पूरी तरह से कम हो गई है। बांध का जलस्तर लगातार घटता जा रहा है। बांध का स्तर रविवार को सुबह 316.800 मीटर पर पहुंच गया। जबकि गत वर्ष यह जलस्तर 325.700 मीटर था। बांध के अधिकारियों के अनुसार अभी जलस्तर को 208 मीटर तक ले जाया जाना है। इस बार बांध में कुछ काम किए जाने है। जिसके लिए यह कदम उठाया गया है।
बांध प्रशासन बांध के जलाशय से पानी की लगातार निकासी जारी रखे है। पावर हाउस के ईई महेंद्र सिंह चौहान के अनुसार पानी की मात्रा 317.350 मीटर आ जाने पर बिजली उत्पादन बंद कर दिया गया है। जलस्तर के घट जाने की वजह से टरबाईन उत्पादन के लिए लोड नहीं ले रही थी। अब जब पानी मशीनों के अनुरूप सिंचाई विभाग देगा तो बिजली उत्पादन शुरू हो पाएगा।
बांध के ईई रामबाबू के अनुसार बांध का क्लोजर किया जाना है, ऐसे में पानी का स्तर 208 मीटर तक ले जाना है। पहले तो पानी पॉवर हाउस के माध्यम से निकाला जा रहा था। अब इसे टी टू सुंरग के माध्यम से नदी में निकाला जा रहा है।
रामगंगा बांध के जलाशय के खाली हो जाने के बाद जहां बिजली उत्पादन बंद हो गया है, वहीं नदी में बाढ़ का खतरा भी टल रहा है। यदि पहाड़ों से बरसात के दौरान नदी में फ्लड नहीं आया तो यहां से नदी में पानी चलाने की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी। जिससे इस बार मैदानी इलाके बाढ़ से बच सकेंगे।