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राखी से पहले चाहिए भाई

Fri, 12 Aug 2016 12:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
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कलक्ट्रेट में लापता वासु की बरामदगी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर चूड़ियां दिखातीं महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में अभी तक अगवा छात्र वासु के बरामद नहीं होने से  परिवार के सदस्यों का धैर्य जवाब दे गया। वासु के परिजन सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारी थाने के सामने प्रदर्शन करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। किसी अधिकारी के नहीं मिलने पर परिजनों ने बंद डीएम कार्यालय के गेट के बाहर नेम  प्लेट पर चूड़ियां टांग दी। वासु के पिता सुनील कुमार भूख हड़ताल पर बैठ गए। धरनास्थल पर हुई सभा में वासु  की बहनों ने कहा कि साहब रक्षाबंधन पर भाई के हाथ में  राखी बांधनी है। बहनों की बात सुनकर सभी भावुक हो गए। एसडीएम और सीओ सिटी ने  इस मामले की जांच एसटीएफ को सौंपने व 18 अगस्त को रक्षाबंधन तक वासु को बरामद करने के आश्वासन पर प्रदर्शनकारियों ने धरना समाप्त किया।
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14 जुलाई को स्कूल से लौटते समय अगवा हुए वासु का अब तक सुराग नहीं लगा है। मंगलवार को परिजनों ने कलक्ट्रेट में धरना दिया था। अधिकारियों ने दो दिन में वासु को बरामद करने का आश्वासन दिया था। हालांकि कोई सफलता नहीं मिलने पर परिजन बृहस्पतिवार को गांव बकली  से पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन व नारेबाजी करते हुए थाने पहुंचे। थाने के गेट पर भी पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की गई। इसके बाद  कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते हुए परिजन धरना देकर  बैठ गए। वासु के पिता सुनील कुमार ने भूख हड़ताल शुरू कर दी। किसी अधिकारी के नहीं   आने पर परिजनों ने डीएम कार्यालय के बाहर नेम प्लेट पर चूड़ियां टांग दी। नेम प्लेट एक तरफ से उखड़ गई। धरनास्थल      पर भी अफसरों के लिए चूड़ी रख दी। भाजपा नेताओं ने वासु को बरामद करने में चल रहे आंदोलन में अपना समर्थन देने की घोषणा की। युवा भाजपा नेता एश्वर्य चौधरी भी धरने पर बैठ गए। एसडीएम अनुज कुमार व सीओ सिटी रामानंद कुशवाहा धरनास्थल पर पहुंचे। 
परिजनों  ने उनसे अपहरण कांड की जांच एसटीएफ से कराने की मांग की। वासु की बहनों नेहा, पारूल व प्रियांशी ने रोते हुए कहा कि रक्षाबंधन आ रहा है। हर  साल वे अपने भाई की कलाई पर  राखी बांधती आ रही है।  उन्होंने वासु को हर हाल में 18 अगस्त रक्षाबंधन तक बरामद करने  की फरियाद अधिकारियों से की, ताकि वह रक्षाबंधन पर अपने भाई वासु की कलाई पर राखी बांध सके। बहनों को रोता देख  सब भावुक हो गए। अधिकारियों के आश्वासन पर  भूख हड़ताल व धरना करीब दो घंटे बाद समाप्त हुआ।
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