संसद में केंद्रीय विद्यालय और गुर्जर रेजीमेंट बनाने की मांग उठाई
बिजनौर। सांसद मलूक नागर ने बजट सत्र के दौरान किसानों की मदद से लेकर केंद्रीय विद्यालय एवं सेना में गुर्जर रेजीमेंट बनाने तथा लॉकडाउन में बेरोजगार हुए लोगों को शीघ्रता से रोजगार दिलाने की मांग उठाई।
बिजनौर लोकसभा क्षेत्र से बसपा सांसद मलूक नागर ने कहा कि दिल्ली में चल रहा किसान आंदोलन बहुत ही दुख का विषय है। सरकार को इस पर सहानुभूति पूर्वक विचार कर किसानों के हित में फैसला लेना चाहिए। सांसद ने कहा कि सरकार को इन बिलों को तीन साल के लिए पेंडिंग डाल देना चाहिए। किसानों को ऑनलाइन योजनाओं से मंडियों को जोड़ने के लिए उचित प्रशिक्षण व प्रभावी नेटवर्क और इंटरनेट कनेक्टिविटी सुधारने की व्यवस्था होनी चाहिए। मलूक नागर ने कहा कि देश में कोरोना काल में संगठित व असंगठित मजदूरों को सबसे अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस कारण वे अभी तक भुखमरी व खराब आर्थिक स्थिति से नहीं उबर पाए। वे दोबारा शहरों में आने से कतरा रहे हैं। इसके लिए सरकार को श्रम उपकर या किसी अन्य फंड से आर्थिक पैकेज से मदद देने की घोषणा करनी चाहिए थी। लॉकडाउन में किसानों की फसलों व दूध का जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई के लिए अलग से एक बजट में पैकेज रखना चाहिए था, जिससे किसानों के नुकसान की भरपाई के जा सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इस दौरान देश में चल रहे किसान आंदोलन पर चर्चा करते हुए देश में किसानों की आय दुगनी करने के बारे में व बिजनौर में केंद्रीय विद्यालय स्थापना हेतु, सैनिक विद्यालय की स्थापना, मुजफ्फरनगर में किसानों के लिए मेरठ में प्रशिक्षण शिविर रखने की मांग की। साथ ही उन्होंने जम्मू-कश्मीर में गुर्जर भाषा को मान्यता दिलाने के बारे में और साथ-साथ भारतीय सेना में गुर्जर रेजीमेंट बनाने की भी मांग रखी।