शिक्षामित्र अपनी नौकरी पक्की करने की मांग उठाएं: त्रिभुवन सिंह
धामपुर। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष त्रिभुवन सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश के लगभग 153000 शिक्षामित्र मानसिक अवसाद में जीने को मजबूर हैं। भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में शिक्षामित्रों को न्याय दिलाने का संकल्प गृहण किया था। लेकिन चार साल में भी कुछ नहीं किया।
शुक्रवार को वार्ता में उन्होंने प्रदेश के सीएम से उनके जन्मदिन पर शिक्षामित्रों के भविष्य को स्थायित्व प्रदान करने, 11 माह की जगह 12 माह का वेतन देने की व्यवस्था करने, डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में बनी हाई पावर 2018 की रिपोर्ट को सार्वजनिक करने, मृतक शिक्षामित्र के परिवारों को 50 लाख रुपये अनुकंपा के आधार पर देने, एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि शिक्षामित्र इन मांगों को लेकर पांच जून को ट्विटर पर मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी के नाम से अपनी व्यथा को उन्हें सुनाने का काम करेंगे।
उधर, शिक्षामित्र नेता केशव त्यागी ने जनपद बिजनौर से सभी शिक्षामित्र साथियों से अपील की है कि वह पांच जून को मुख्यमंत्री को ट्विटर के माध्यम से उनके जन्मदिन पर बधाई दें। संकल्प पत्र की याद दिलाएं। जून के मानदेय अथवा वेतन की मांग मजबूती के साथ अधिक से अधिक संख्या में रखें। इस कार्य के लिए कोई किसी भी संगठन से हो। इससे मतलब नहीं, वह सिर्फ शिक्षामित्र हैं। वह अपनी आवाज बुलंद करें।