नालियों में बह रहा बारिश का पानी
बिजनौर। जिलेभर में बारिश का पानी छतों से नीचे आकर नालियों में बह जाता है। इस पानी को जमीन की गोद में डालने के कोई इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। अब तक तो सरकारी विभाग भी इसको लेकर उदासीन थे। अगर सरकारी विभाग में रेन वाटर हार्वेस्टिंग बना है तो उनमें काम करने वाले कर्मचारियों के घरों में इसका कोई इंतजाम नहीं है।
लगातार घट रहा भूगर्भ जल भविष्य के खतरे का सबब है। भूगर्भ जल को रिचार्ज करने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सबसे कारगर तरीका है। इसमें छत पर बरसने वाले बारिश के पानी को जमीन में डाल दिया जाता है। सरकारी विभागों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग बनाए जा रहे हैं। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों व घरों में भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग बनना जरूरी होता है लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बड़े शोरूम, अस्पताल आदि में भी बारिश के पानी को सहेजने का कोई इंतजाम नहीं है।
भाजपा नेता ने जलभराव से दिलाई निजात
भाजपा नेता एश्वर्य चौधरी ने पानी की कीमत समझने और गांव कड़ावजीदपुर वालों को जलभराव से निजात दिलाने के लिए बड़ी पहल की है। गांव में बने करीब 38 बीघा का तालाब खरपतवार से अटा था। पानी सड़क पर बहता था। भाजपा नेता ने अपने खर्च पर तालाब को तीन जेसीबी, 18 ट्रैक्टर ट्राली व 150 मजदूर काम पर लगाकर 1500 ट्राली कचरा निकलवाया। गांव वालों को जलभराव से निजात मिली और तालाब का पानी भी सीधा भूगर्भ में जा रहा है। भाजपा नेता एश्वर्य चौधरी का कहना है कि तालाब साफ रहेंगे तो ही भूगर्भ जल को रिचार्ज करेंगे।
जल की बचत करना सबकी जिम्मेदारी
एसडीएम बृजेश कुमार का कहना है कि जल की बचत करना नैतिक जिम्मेदारी भी है। सभी किसी न किसी तरह से जल की बचत करें। तालाबों को साफ रखें और घरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग बनवाएं।