बिजनौर में बारिश और ठंड से बचने का प्रयास करती युवती।
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बारिश ने बढ़ाई ठंड, फसलों को नुकसान
बिजनौर। बृहस्पतिवार की सुबह से ही हो रही बारिश से ठंड में इजाफा हुआ है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार आए दिन हो रही बारिश से गेहूं की फसल पीला पड़ने लगी है। इस बारिश से गन्ने को छोड़ अन्य सभी फसलों को नुकसान है। बारिश होने के बाद जिले का न्यूनतम तापमान 07 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 16.4 डिग्री सेल्सियस रहा। सुबह की आर्द्रता 100 प्रतिशत और दोपहर की आर्द्रता 94 प्रतिशत रही। मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी बारिश की आशंका व्यक्त की है।
बृहस्पतिवार सुबह से जिले में रुक रुककर बारिश होती रही। दिन में कभी तेज बारिश होने लगती तो कभी इसकी रफ्तार कम हो जाती। इसी तरह से पूरे दिन बारिश का सिलसिला जारी रहा। करीब ढाई बजे के आसपास लगभग पांच मिनट के लिए धूप निकली। लेकिन इसके बाद फिर से बादल छा गए और बारिश होने लगी। नगीना स्थित मौसम वेधशाला के प्रेक्षक आरके शर्मा ने बताया कि आज भी बारिश होने की आशंका है। बृहस्पतिवार को जिले भर में 15 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
कृषि वैज्ञानिक केके सिंह का कहना है कि इस बारिश से गन्ने को छोड़कर अन्य सभी फसलों को नुकसान है। पिछले एक महीने से रुक रुक कर हुई बारिश से गेहूं की फसल में पीलापन आया है। इस बारिश से वर्तमान में फूल वाली सभी फसलों को नुकसान है, जबकि फल वाली किसी भी फसल के लिए यह हानिकारक नहीं है। जिन किसानों ने मसूर की बुवाई लाइनवार कर रखी है, उन्हें डर नहीं है। जबकि सामान्य खेतों में खड़ी मसूर की फसल में नुकसान होने की आशंका है। हालांकि आए दिन होने वाली बारिश से गन्ने के लिए फायदा है। बारिश के कारण तापमान ज्यादा नीचे नहीं जा रहा है। इससे गन्ने की पत्ती जो ज्यादा ठंड से बैंगनी हो रही थी, वे सामान्य होने लगेंगी। उन्होंने सभी किसानों को सलाह दी है कि मौसम खुलने पर खेतों में खड़ी अपनी फसलों में खाद डालें।
बिजनौर में बारिश में छाता लगाकर जाती महिला।- फोटो : BIJNOR
बिजनौर में बारिश में से बचने का प्रयास करती युवती।- फोटो : BIJNOR