बस हादसे के मृतकों के घर पहुंचे जनप्रतिनिधि
नजीबाबाद। पौड़ी जिले में हुए बस हादसे में मंडावली क्षेत्र के चार लोगों की मौत से क्षेत्र और परिजन गमगीन हैं। पोस्टमार्टम के बाद क्षेत्र आए मृतकों के शवों काअंतिम संस्कार किया गया। जनप्रतिनिधियों ने मृतकों के आवास पर परिजनों का ढांढस बंधाया और जिला प्रशासन से आर्थिक मदद दिलाने की मांग की।
उत्तराखंड के पौड़ी जिले के गांव सिमणी के पास चार अक्तूबर को हुआ बस हादसा नजीबाबाद तहसील के मंडावली क्षेत्र के चार परिवारों पर कहर बनकर टूटा है। हादसे में मजदूर पेशे से जुड़े मंडावली निवासी इश्तियाक उर्फ गुड्डू , औरंगपुर भिक्कू निवासी इलियास, मिर्जापुर सैद निवासी अनीस, जालपुर निवासी विशाल की मौत हुई थी। इन चारों लोगों के कंधों पर अपने पूरे परिवार का भरण पोषण की जिम्मेदारी थी। ये चारों लोग हरिद्वार के लालढांग से गई बरात में बैंड बाजा बजाने मजदूरी पर गए थे। पोस्टमार्टम के बाद बृहस्पतिवार को मृतकों के शव मंडावली पहुंचे।
परिजनों ने गमगीन माहौल ने शवों का अंतिम संस्कार कराया। भारतीय किसान यूनियन के युवा प्रदेश अध्यक्ष चौ. दिगंबर सिंह और ब्लॉक प्रमुख तपराज सिंह ने मृतकों घर पहुंचकर परिजनों का हाल जाना। उन्होंने परिजनों को प्रशासन से हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया। एसडीएम विजय वर्धन तोमर के निर्देश पर मंडावली के हल्का लेखपाल रवि कुमार ने परिजनों की घर पहुंचकर मृतकों और परिजनों की आर्थिक स्थिति की जानकारी ली।
उत्तराखंड सरकार बस दुर्घटना के मृतकों के परिजनों की हर संभव मदद कर रही है, वहींयूपी सरकार ने परिजनों का हाल भी नहीं जाना, जो बेहद दुखद हैं - नरदेव सिंह, महासचिव, भाकियू।
बस हादसे में मारे गए मंडावली क्षेत्र के चारों लोग मजदूर पेशे परिवार से हैं। यूपी सरकार को मृतकों के परिजनों की आर्थिक मदद करनी चाहिए - रोहिताश सिंह, जिलाध्यक्ष, भाकियू भानु।