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Bijnor News: टीईटी की अनिवार्यता के विरोध में प्रदर्शन

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बिजनौर में टीईटी की अनिवार्यता के विरोध में प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट जाते हैं शिक्षक स्रोत
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बिजनौर। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले बृहस्पतिवार को शिक्षक-शिक्षिकाओं ने बीएसए कार्यालय एवं कलक्ट्रेट में विरोध प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने आरटीई लागू होने की तिथि से पूर्व में नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से छूट की मांग की। बाद में संगठन की ओर से प्रधानमंत्री को संबोधित एक मांग पत्र प्रेषित किया।
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जिले के शिक्षक-शिक्षिकाएं बीएसए कार्यालय पर एकत्र हुए और प्रदर्शन कर धरना दिया। टीएफआई के संयोजक भूपेंद्र कुमार चौहान ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने की तिथि से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टेट की अनिवार्यता को थोपना गलत है। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुधीर कुमार यादव ने कहा कि वर्तमान में शिक्षकों को एकजुट होने की जरूरत है। माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री विनोद कुमार ने कहा कि शिक्षकों के हकों की लड़ाई में उनका संगठन परिषदीय विद्यालय के शिक्षकों के साथ मजबूती से खड़ा है। आंदोलित शिक्षक-शिक्षिकाओं ने बीएसए कार्यालय से कलक्ट्रेट तक पैदल मार्च किया। मांग पत्र में कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 27 जुलाई 2011 से लागू किया गया है। उसके बाद से ही टेट की पात्रता लागू की जानी चाहिए। ज्ञापन देने व धरने पर प्रशांत सिंह, राजेंद्र कुमार, राहुल राठी, असीम चौहान, विपिन कुमार शर्मा, अल्फिया, अरशद जमाली, दिग्विजय सिंह, तारिक अलीम, अरविंद चौधरी, सरिता रानी ,लता चौधरी, पूनम राजपूत, रिचा बिश्नोई, कविता चौधरी आदि रहे।

-यह संगठन रहे मौजूद
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ, सेवानिवृत शिक्षक संघ, आदर्श विशिष्ट बीटीसी वेलफेयर एसोसिएशन, ऑल टीचर्स एंड एम्पलाई वेलफेयर एसोसिएशन संगठनों से जुड़े शिक्षकों ने टीएफआई के बैनर तले प्रदर्शन किया।
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-महिला शिक्षक संघ ने दिया कलक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन
उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष रुचिता सिंह के नेतृत्व में शिक्षिकाओं व शिक्षकों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता निरस्त कराने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में नीलम चौधरी, वर्षा, कहकशा, कामिनी, पारुल, निधि, पिंकी, प्रीति, आकांक्षा आदि शामिल रहीं।
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