बिजनौर के छाछरीमोड़ मे पूर्व राज्यमंत्री व राष्ट्रीय किसान मजदूर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वामी ओमवेश ने अपने समर्थकों के साथ क्षेत्र की बिजली समस्याओं को लेकर छाछरी बिजलीघर के सामने चौराहे पर चक्का जाम कर दिया। उन्होंने एक्सईएन व एसडीओ को बंधक बनाकर अपने बीच बैठा लिया। अधिकारियों ने उनकी सभी मांगों को पूरा कराने का आश्वासन दिया तब कहीं जाकर चार बजे धरना खत्म हुआ।
पूर्व मंत्री शुक्रवार सुबह बड़ी तादाद में अपने समर्थकों के साथ छाछरी बिजलीघर के सामने बिजनौर-चांदपुर रोड पर चौराहे पर पहुंचे और वहां डेरा जमा लिया और सभा करने के बाद धरना देकर बैठ गए। सुबह आठ बजे शुरू हुए धरने में स्वामी ओमवेश ने कहा कि क्षेत्र में लो वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या विकराल रूप धारण करती जा रही है। कहा कि लो वोल्टेज से निजात दिलाने के बजाए निगम के अधिकारी झालू बिजलीघर को बिजनौर से काटकर छाछरी बिजलीघर से जोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। झालू से छाछरी तक 24 किलोमीटर लंबी लाइन डाली गई है। जबकि बिजनौर से झालू तक नौ किलोमीटर की लाइन पहले से पड़ी है। उलेढ़ा बिजलीघर की दूरी छाछरी से तीन किलोमीटर है। उलेढ़ा बिजलीघर को भी छाछरी से नहीं जोड़ा गया है। यह बिजलीघर अभी भी डींगरपुर बिजलीघर से जुड़ा हुआ है।
छह किलोमीटर की दूरी पर लदुपुरा को सिसौना बिजलीघर से जोड़ा गया है। यह बिजलीघर भी छाछरी बिजलीघर से जोड़ा जाए। निगम के अफसरों की मनमानी की चलते ओवरलोडिंग व लो वोल्टेज की समस्या खड़ी हो गई है। करीब दस बजे वार्ता करने आए एक्सईएन अखिल मेहरोत्रा व एसडीओ गौरव कुमार को बंधक बना लिया और धूप में धरने में बैठा लिया। उन्होंने उलेढ़ा व लदुपुरा बिजलीघर को छाछरी ट्रांसमिशन बिजलीघर से जोड़ने, 33/11 केवीए का नया बिजलीघर बनाने की मांग की। कहा कि अगर झालू बिजलीघर को छाछरी से जोड़ा तो आंदोलन किया जाएगा।
निगम अधिकारियों द्वारा सभी मांगों का जल्दी निस्तारण करने का आश्वासन मिलने पर करीब चार बजे धरना समाप्त हुआ। वहीं धरने के दौरान रूट डायवर्ट किया गया। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य डा.राजवीर सिंह, ग्राम प्रधान गजेंद्र सिंह, रमेश सिंह, भीम सिंह, रणवीर सिंह आदि मौजूद रहे।