- केंद्र सरकार पर मजदूर विरोधी होने का आरोप लगाते हुए राष्ट्रपति के नाम दिया ज्ञापन
स्योहारा। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के बैनर तले कार्यकर्ताओं ने मनरेगा कानून में बदलाव के विरोध में खंड विकास अधिकारी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों को मजदूर विरोधी बताते हुए राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि देश की बड़ी आबादी आज भी गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा और आर्थिक असमानता से जूझ रही है, लेकिन केंद्र सरकार जनहित की बजाय पूंजीपतियों के हित में फैसले ले रही है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने मनरेगा कानून को बदल दिया है। इससे ग्रामीण मजदूरों का रोजगार का संवैधानिक अधिकार छिन जाएगा।
इस दौरान दिए गए ज्ञापन में नए कानून को तुरंत वापस लेने, मनरेगा को और मजबूत कर कम से कम 200 दिन का रोजगार सुनिश्चित करने तथा इसके लिए पर्याप्त फंड आवंटित करने की मांग की गई। इस मौके पर इसरार अली, फरीद अहमद, इंद्र कुमार शर्मा, जरीफ अहमद, राजवीर सिंह, जब्बार अहमद, दौलत सिंह, मशकूर अहमद, खलील अहमद सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।