बिजनौर में अपने चेंबर में पत्रकरों से वार्ता करते जिला जज पीके चौरसिया।
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बिजनौर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में 12 नवंबर को लगने वाली राष्ट्रीय मेगा लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों के निपटारे के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जिला जज पीके चौरसिया का कहना है कि इसमें 30000 वादों के निदान का लक्ष्य रखा गया है।
जिला जज पीके चौरसिया ने प्रेस वार्ता में बताया कि इस बार 30 हजार वादों के निपटारे का लक्ष्य रखा गया है। जिला जज के चैंबर में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मेगा लोक अदालत में जन-जन की भागीदारी के लिए व्यापक स्तर पर लोेगों कको जागरूक किया जा रहा है। वादकारियों को पुलिस के माध्यम से नोटिस तामील कराए जा रहे हैं।
दो और तीन नवंबर को विधिक स्वयंसेवक कार्यकर्ता एवं पैनल अधिवक्ताओं के माध्यम से डोर टू डोर जागरूकता कार्यक्रम किया गया है। इसमें 1259 परिवारों के 4618 सदस्यों से संपर्क किया गया है। 28 अक्तूबर और सात नवंबर के प्री ट्रायल में पीठासीन अधिकारियों द्वारा मोटर दुर्घटना के 99 मुकदमे चिह्नित किए गए हैं। फौजदारी और सिविल के 7515, राजस्व के 8000 और अन्य विभागों से मिलाकर 14000 मुकदमों का चिन्हांकन किया जा चुका है।
बैंक मामलों के निस्तारण के लिए बैंकों द्वारा 5466 नोटिस जारी किए जा चुके हैं। सभी प्रमुख बैंकों के वादों के निपटारे के लिए तीन विशेष पीठों का गठन किया गया है। इस दौरान नोडल अधिकारी अपर जिला जज मुमताज अली भी मौजूद रहे।