धामपुर में श्री राम मंदिर आश्रम सत्संग भवन में शिवमहापुराण कथा सुनाते आचार्य शशिकांत वशिष्ठ संव
धामपुर। कथाव्यास आचार्य शशिकांत वशिष्ठ ने कहा कि मनुष्य को सांसारिक सुखों की प्राप्ति के लिए भगवान शिव की कथा के नियमित तौर सुनना चाहिए। माता-पिता का आज्ञाकारी बनकर दायित्व का निर्वहन करने से उनके सामने किसी भी प्रकार की विपत्ति, आपदा नहीं आती है।
सनातन उत्थान सेवा संघ धामपुर की ओर से श्री राम मंदिर आश्रम में आयोजित नौ दिवसीय शिव महापुराण कथा के छठवें दिन कथाव्यास ने कहा कि भगवान शिव ने सृष्टि का निर्माण बहुत ही सोच समझकर किया है। मनुष्य को प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग सकारात्मक दृष्टि को ध्यान में रखते हुए करना चाहिए। जहां नकारात्मक सोच जगह बना लेती है, तभी दिक्कत आनी शुरू हो जाती है। भगवान शंकर ने महाशिवपुराण कथा में यही बताया है कि जब भी धरती पर असुरों का बोलबाला अधिक हो जाता है। तब वह राक्षसों का संहार करने के लिए किसी न किसी रूप में अवतरित होते हैं। जिससे सृष्टि का निर्माण, सृजन होता रहे। देवताओं को वास हो। किसी भी प्रकार की दिक्कत ना हो। कार्यक्रम में मंदिर के पुजारी रमेश शंकर तिवारी, राकेश मिश्रा, पंकज कुमार शर्मा, राममूर्ति, जगन्नाथ, वंश कुमार, रेनू रानी, सचिन कुमार सैनी, प्रमोद मिश्रा, कार्तिकेय, कविता, सविता, विनोद आदि बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। कथा के समापन पर भगवान शिव की आरती के बाद प्रसाद का वितरण किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर धर्मलाभ कमाया। संवाद