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Bijnor News: निजी अस्पताल सड़क किनारे ठिकाने लगा रहे जैव चिकित्सा अपशिष्ट

Thu, 04 Jul 2024 12:01 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
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बिजनौर/अफजलगढ़। भले ही स्वास्थ्य विभाग जैव चिकित्सा अपशिष्ट का सही निस्तारण नहीं करने को लेकर अस्पतालों पर कार्रवाई कर रहा है। मगर निजी अस्पतालों पर विभाग की यह कार्रवाई बेअसर नजर आ रही है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अफजलगढ़ क्षेत्र में निजी अस्पताल सड़क किनारे जैव चिकित्सा अपशिष्ट ठिकाने लगा रहे हैं। इससे लोगों को गंभीर बीमारी होने का खतरा है।
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अफजलगढ़ में बस स्टैंड जसपुर व धामपुर मार्ग पर काफी संख्या में निजी अस्पताल संचालित हैं। इनमें प्रसव से लेकर दूसरी बीमारियों के भी ऑपरेशन किए जा रहे हैं। मगर इनमें से कुछ अस्पतालों में जैव चिकित्सा अपशिष्ट के सही निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं है। अस्पताल जैव चिकित्सा अपशिष्ट जैसे, सिरेंज, बोतल, महिलाओं के गंदे कपड़े सहित बेकार दवाइयां तक जसपुर मोड़ से आगे सड़क किनारे यूं ही खुले में फेंक रहे हैं। शिकायत के बाद भी इन निजी अस्पतालों पर कोई अंकुश नहीं लग पा रहा है। इन अस्पतालों से गाड़ियों के जरिए जैव चिकित्सा अपशिष्ट सड़क किनारे फेंक रहे हैं। इससे जहां भारी दुर्गंध फैल रही है।
वहीं इससे संक्रमण के चलते बीमारियां फैलने का भी भय है। इस संबंध में नगर पालिका अधिशासी अधिकारी एसपी सिंह का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में भी आया है। वह ऐसे अस्पतालों को चिह्नित कर नोटिस भेजकर कार्रवाई करेंगे।
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- इस साल 16 अस्पतालों पर टीम ने लगाया जुर्माना
जैव चिकित्सा अपशिष्ट का सही निस्तारण नहीं करने पर स्वास्थ्य विभाग और नगरपालिका की टीम ने मिलकर कार्रवाई की। इस साल 16 अस्पतालों पर एक लाख 77 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। फरवरी में तीन अस्पतालों पर 22 हजार, मई में आठ अस्पतालों पर एक लाख पांच हजार, जून में पांच अस्पतालों पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
- जिले में तीन कंपनियां कर रहीं काम
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जैव चिकित्सा अपशिष्ट उठाने के लिए जिले में तीन कंपनी काम कर रही हैं। निजी अस्पतालों से सिनर्जी वेस्ट लिमिटेड मेरठ, सुशीला बायोमेडिकल वेस्ट मुरादाबाद, इनवोरेन पिलखुवा हापुड़ कंपनी जैव चिकित्सा अपशिष्ट उठा रही हैं।
- प्रति बेड के हिसाब से पैसे लेती है कंपनी
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुशील कुमार ने बताया कि जैव चिकित्सा अपशिष्ट उठाने वाली कंपनी निजी अस्पतालों से प्रति बेड के हिसाब से पैसे लेती है। एक बेड के सालाना 1100 रुपये चार्ज लिया जा रहा है।
- वर्जन : निजी अस्पतालों को जैव चिकित्सा अपशिष्ट का सही से निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं। अगर कोई अस्पताल निर्देशों का पालन नहीं कर रहा है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। पहले भी ऐसे पर अस्पतालों पर जुर्माना लगाया गया है। अफजलगढ़ क्षेत्र में जांच कराकर कार्रवाई करेंगे। - डॉ. सुशील कुमार, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, बिजनौर
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