जिला जेल में कैदी की संदिग्ध हालात में मौत
बिजनौर। जिला कारागार में आजीवन कारावास की सजा काट रहे एक कैदी की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। परिजनों में जेेल प्रशासन पर कैदी के उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पथरी का आपरेशन नहीं कराने के कारण उनकी मौत हुई है।
नूरपुर थाने के गांव सादपुरी रोशनपुर जागीर निवासी महीपाल को 1993 के एक अपहरण के मामले में सात दिसंबर 2019 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। तब से महीपाल जेल में सजा काट रहा था। रविवार को उसे उल्टी दस्त शुरू हुए। हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। रात में करीब 11 बजे उपचार के दौरान जेल में उसकी मौत हो गई। महीपाल की मौत से परिजनों में कोहराम मचा है। उसके बेटे भूपेंद्र ने डीएम से की शिकायत में कहा कि उसके पिता का पेट में पथरी का आपरेशन होना था। वह अपने चाचा रविंद्र सिंह के साथ इस बारे में जेल अधीक्षक व अन्य अधिकारियों से मिला था। पिता की बीमारी के बारे में उन्हें बताया गया, लेकिन उन्हें उपचार के लिए जेल से बाहर नहीं भेजा गया। उनकी तबियत खराब होती गई।
भूपेंद्र ने आरोप लगाया कि जेल के अधिकारियों की घोर लापरवाही की वजह से उनके पिता को सही उपचार नहीं मिला। इस कारण उनकी मौत हो गई। पिता के बीमार होने के बारे में जेल प्रशासन ने उन्हें नहीं बताया। किसी काम से वह बिजनौर गए थे, तब उन्हें इसका पता चला। वहीं, जेल अधीक्षक लाल रत्नाकर सिंह के मुताबिक कैदी महीपाल को रविवार को दिन में उल्टी दस्त होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। रात में उसकी मौत हो गई। उन्होंने कैदी के उपचार में लापरवाही बरतने की बात से इनकार किया है। महीपाल को एक दो बार हार्ट अटैक के चलते जिला अस्पताल में उपचार के लिए भेजा गया था।