भविष्य की समस्याओं से आज निपटने की तैयारी
बिजनौर। प्रदेश सरकार द्वारा जनसंख्या नीति पर काम किया जा रहा है। इसके अनुसार दो से अधिक बच्चे वाले अभिभावक सरकारी नौकरी के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे और सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिलेगा। इस पर सभी की अलग अलग राय है। कुछ जनसंख्या नीति की प्रशंसा कर रहे हैं तो कुछ इसे बाद की बात कह रहे हैं।
काजी शहर काजी माजिद अली के अनुसार जनसंख्या नीति आज लागू होती है तो इसके परिणाम 20 साल बाद सामने आएंगे। प्रदेश सरकार को आज की समस्याओं जैसे बेरोजगारी, महंगाई, पेट्रोल डीजल के बढ़े दाम आदि पर ध्यान देना चाहिए। इन समस्याओं से जनता परेशान है। जनसंख्या नीति पर बाद में भी काम हो सकता है।
राष्ट्रीय सर्वधर्म एकता परिषद के संस्थापक व राष्ट्रीय अध्यक्ष व अलीगढ़ मुस्लिम यूनीवर्सिटी के बोर्ड सदस्य मुफ्ती शमून कासमी के अनुसार हर परिवार को यह तय करना चाहिए कि वे बच्चों को आगे चलकर क्या बनाना चाहते हैं। फैमिली प्लानिंग किसी धर्म के खिलाफ नहीं है। बच्चे कम रहेंगे तो उनकी परवरिश और अच्छे से होगी। इसे इस्लाम में खानदानी मनसूबाबंदी कहा गया है।
पंडित ललित शर्मा के अनुसार जनसंख्या नियंत्रण कानून दो दशक पहले लागू हो जाना चाहिए था। तब ऐसा हो गया होता और बेरोजगारी जैसे कई समस्याएं नहीं होती। आज के समय में हम दो हमारे दो के नारे के साथ ही परिवार पूरा हो जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपने संबोधन में जनसंख्या नियंत्रण करने को भी एक तरह की देशभक्ति बता चुके हैं।
पंडित अभिषेक शास्त्री के अनुसार जनसंख्या नीति को प्रदेश सरकार को बहुत सख्ती से लागू करना चाहिए। अगर पहले ही जनसंख्या नियंत्रण पर काम हो गया होता तो इतनी बेरोजगारी व महंगाई नहीं होती। सभी राजनीतिक दलों और जनता को जनसंख्या नीति का समर्थन करना चाहिए। जनसंख्या नीति से प्रदेश और आगे चलकर देश को बहुत फायदा मिलेगा।