फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तैयारी अच्छी थी, पेपर भी था आसान

विज्ञापन
विज्ञापन
तैयारी अच्छी थी, पेपर भी था आसान
विज्ञापन

बिजनौर। शिक्षक पात्रता परीक्षा केंद्रों पर शुरू होने के बाद अचानक स्थगित कर दी गई। इससे जिले के 27 केंद्रों पर शिक्षक पात्रता परीक्षा देने के लिए पंजीकृत 30 हजार से अधिक अभ्यर्थियों में मायूसी छा गई। परीक्षा केंद्रों से बाहर काफी देर तक गहमागहमी का माहौल रहा। अभ्यर्थी व उनके साथ आए अभिभावक एक दूसरे से परीक्षा स्थगित होने की वजह पूछते रहे। अधिकारियों का कहना था कि परीक्षा की अगली तिथि बाद में घोषित होगी। कई अभ्यर्थियों का कहना था कि उनकी तैयारी अच्छी थी, पेपर आसान था। परीक्षा के निरस्त होने का उन्हें मलाल रहेगा। उन्हें आशंका है कि अब अगली बार कठिन पेपर आ सकता है।
रविवार को टीईटी दो स्तर पर थी। प्राथमिक स्तर की परीक्षा पहली शिफ्ट में 27 केंद्र पर थी। परीक्षा में शामिल होने के लिए 19160 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। जूनियर हाईस्कूल स्तर की परीक्षा दूसरी शिफ्ट में 20 केंद्रों पर थी। परीक्षा के लिए 12500 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। दोनों पाली में कुल 31660 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। पहली पाली की परीक्षा देने अभ्यर्थी सुबह साढ़े सात बजे से केंद्रों पर आना शुरू हो गए थे। परीक्षा में लगे अधिकारी कर्मचारी समय से आ गए थे। परीक्षा निर्धारित समय 10 बजे सभी केंद्रों पर शुरू हो गई थी। अभ्यर्थियों ने पेपर हल करना शुरू कर दिया था। डीआईओएस राजेश कुमार के अनुसार शासन से करीब 10:15 बजे परीक्षा स्थगित होने की सूचना आई। केंद्रों को 10.20 बजे परीक्षा स्थगित होने की जानकारी दे दी गई थी। साथ ही अभ्यर्थियों से कापी व पेपर लेने को कह दिया गया था। सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी उत्तर प्रदेश, प्रयागराज ने जिलाधिकारी को भेजे पत्र में कहा है कि शासन ने अपरिहार्य कारणों से परीक्षा स्थगित की है। अगली तिथि पृथक से घोषित होगी। समस्त प्रश्नपत्र तथा उत्तर पुस्तिका डीआईओएस की अभिरक्षा में सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। डीआईओएस राजेश कुमार ने बताया कि निर्देशों के अनुपालन में कापी व पेपर कड़ी सुरक्षा में रखे गए हैं।
विज्ञापन

अभ्यर्थियों में रही मायूसी
केंद्रों से मिली जानकारी के अनुसार अभ्यर्थियों ने पेपर हल करना शुरू कर दिया था। कक्ष में परीक्षा स्थगित होने के बारे में कुछ नहीं बताया गया। अभ्यर्थियों को बाहर आकर असलियत का पता चला। इसके बाद अभ्यर्थियों में मायूसी छा गई। उनका कहना था कि पेपर बहुत आसान था, उन्हें अच्छे नंबर आने की उम्मीद थी। टीईटी वर्ष 2019 में हुई थी, वर्ष 2020 में परीक्षा नहीं हुई थी। इस बार अनेक अभ्यर्थी मेरिट सुधारने के लिए परीक्षा देने आए थे। वे अभ्यर्थी परीक्षा स्थगित होने से काफी उदास थे।
प्रशासन की तैयारी धरी रह गई
प्रशासन नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए पिछले दस दिन से तैयारी में जुटा था। परीक्षा केंद्रों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा था। डीएम उमेश मिश्रा ने परीक्षा में सख्ती बरतने की हिदायत बैठक में दी थी। प्रशासन ने करीब 600 कक्ष निरीक्षकों, 54 स्टेटिक मजिस्ट्रेट, 27 पर्यवेक्षक, 27 केंद्र व्यवस्थापक तथा चार सचल दस्तों की ड्यूटी लगाई थी। सभी 27 केंद्रों पर परीक्षा 10 बजे शुरू हो गई थी। अभ्यर्थियों को कापी पेपर भी बांट दिए गए थे। करीब 25 मिनट बाद परीक्षा स्थगित होने की सूचना मिली। प्रशासन की सारी तैयारी धरी रह गई।
दूसरी पाली का पेपर होने पर रहा संशय
पेपर स्थगित होने की सूचना पहली पाली में मिली। पहली पाली में अनेक अभ्यर्थी ऐसे थे जिन्हें दूसरी पाली की परीक्षा भी देनी थी। ये अभ्यर्थी बार-बार अधिकारियों से पूछ रहे थे कि क्या दूसरी पाली की परीक्षा भी स्थगित हुई है। केंद्र से बाहर आ रहे अधिकारी शिक्षक कोई जवाब नहीं दे रहे थे। काफी देर तक संशय बना रहा। बाद में डीआईओएस कार्यालय से बताया गया कि पूरी परीक्षा स्थगित हुई है।
पीजीटी परीक्षा में पकड़े गए थे सोल्वर गिरोह के सदस्य
टीईटी परीक्षा पेपर आउट होने की वजह से स्थगित हुई है। परीक्षा केंद्रों पर चर्चा रही कि बिजनौर जिले के केंद्रों पर बाहरी राज्यों दिल्ली, बिहार, हरियाणा राज्यों के अभ्यर्थी काफी संख्या में परीक्षा दे रहे हैं। ऐसे अभ्यर्थियों का सोल्वर गिरोह से तार जुड़े होने का शक है। बाहरी अभ्यर्थियों ने स्थानीय लोगों से सांठगांठ कर रखी है। जिले में हुई पीजीटी परीक्षा में सोल्वर गिरोह के दो सदस्य पकड़े जा चुके हैं।
विज्ञापन

कक्ष निरीक्षकों ने मांगा पारिश्रमिक
टीईटी में कक्ष निरीक्षक को प्रति पाली 750 रुपये, केंद्र व्यवस्थापक, पर्यवेक्षक को प्रति पाली 2000 रुपये मिलते हैं। सामान्यत: पारिश्रमिक परीक्षा समाप्त होने के बाद मिल जाता है। अनेक कक्ष निरीक्षकों ने बताया कि उन्हें पारिश्रमिक नहीं दिया गया है। उनका तर्क था कि वे तो सही समय पर आए, परीक्षा कार्य भी किया है। इसलिए उन्हें पारिश्रमिक अवश्य मिलना चाहिए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें