बिजनौर में मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हुए कलक्ट्रेट जाते भाकियू कार्यकर्ता।
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बिजनौर में किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में प्रीमियम जमा नहीं करेंगे। योजना को जबरन थोपने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है। भाकियू ने किसानों को लामबंद करना शुरू कर दिया है। गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक करने का निर्णय लिया गया है।
सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी के अनुसार केंद्र ने किसानों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू की है। योजना में गांव को यूनिट माना गया है। खड़ी फसल या खलिहान में खड़ी फसल नष्ट होने पर किसानों को मुआवजा देने का प्रावधान इस योजना में है। यदि प्राकृतिक आपदा में सामूहिक नुकसान फसल का होता है तो खेत में बुवाई नहीं होने पर भी मुआवजा मिलेगा। जिला कृषि अधिकारी प्रमोद सिरोही के अनुसार जो किसान किसान क्रेडिट कार्ड धारक हैं या किसी भी समिति से कर्जा लेता है उसकी प्रीमियम बैंक स्वत: काट लेगा। किसान दिवस में इस योजना का विरोध किया था। अब भाकियू की अगुवाई में किसान योजना के खिलाफ लामबंद होने लगे हैं।
भाकियू के जिला अध्यक्ष राम अवतार सिंह, महासचिव दिगंबर सिंह, वरिष्ठ किसान नेता विजयपाल सिंह, ओमपाल सिंह का तर्क है कि जिले में गन्ने का उत्पादन सबसे अधिक होता है। इस फसल का नुकसान कम होता है। किसान फसल बीमा नहीं कराना चाहते हैं। सरकार योजना को जबरन किसानों पर थोपना चाहती है। यह किसानों को मंजूर नहीं है। सीडीओ का कहना है कि योजना को लेकर किसानों में कुछ भ्रम है। शीघ्र ही किसानों की पंचायत बुलाकर योजना के बारे में सही जानकारी दी जाएगी।