बिजनौर। भारतीय खाद्य निगम के बिजनौर स्थित गोदाम में पंजाब के चावल को पहले तरजीह मिल रही है जबकि बिजनौर की राइस मिलों के ट्रक गोदाम पर माल उतरवाने की इंतजार में हैं। तीन दिनों बिजनौर के ट्रक खाली नहीं करवाए गए तो राइस मिल वालों ने विरोध जताना चालू कर दिया।
बिजनौर राइस मिलर्स एसोसिएशन की ओर भारतीय खाद्य निगम के मंडल प्रबंधक को ज्ञापन प्रेषित किया गया है। इसमें कहा गया कि बिजनौर में 21 चावल मिलें क्रय केंद्रों पर खरीदे गए धान की कुटाई करने के बाद चावल को भारतीय खाद्य निगम के गोदाम तक पहुंचाती है। ज्ञापन में कहा गया कि बिजनौर के वेयर हाउस पर पंजाब के चावल को उतारने में प्राथमिकता दी जा रही है। एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी नदीम अहमद ने बताया कि पंजाब के पटियाला से चावल बिजनौर के वेयर हाऊस पर पहुंच रहा है। बुधवार को पंजाब से चावल भरकर पहुंचे छह ट्रकों से चावल उतारकर गोदाम में सुरक्षित रख लिया गया था।
बृहस्पतिवार को भी चार ट्रक पहुंचे, जिन्हें तुरंत ही खाली कर लिया गया। यानि 1100 क्विंटल चावल गोदाम में पंजाब का रख लिया गया है। बिजनौर की जनता राइस मिल की तीन गाड़ियां तीन दिनों से वेयर हाऊस पर खड़ी हैं, जिनके चावल को अभी तक नहीं उतारा गया है। बिजनौर की राइस मिलों के पास डेढ़ लाख क्विंटल चावल स्टॉक है। जिसका वेयर हाऊस में पहुंचना बेहद जरूरी है। अगर समय से चावल गोदाम तक नहीं पहुंचा तो खराब हो सकता है। एक महीने के बाद चावल की गुणवत्ता खराब हो जाती है। जिसे राइस मिल वालों का नुकसान होना तय है।
उधर खाद्य निगम के डिपो प्रबंधक दीप नंदन ने बताया कि शुक्रवार से बिजनौर की राइस मिलों का चावल भी उतरने लगेगा।