बिजनौर। यूं तो पंचायत चुनाव की तारीख अभी तय नहीं हुई हैं। मगर अटकलों के बीच ही गांव गांव चुनावी बयार है। गांव की सरकार का मुखिया बनने के लिए संभावित उम्मीदवार मतदाताओं की चौखट पर दस्तक दे रहे हैं। सुख-दुख या कोई अन्य कार्यक्रम सभी में शामिल होकर अपनापन भी जाहिर कर रहे हैं।
ग्राम पंचायतों में प्रधानों का कार्यकाल अप्रैल-मई में समाप्त होने जा रहा है। ऐसे में चुनाव में जीत हासिल करने वाले नए प्रधानों की ताजपोशी होगी। कुछ पंचायतों में मौजूदा प्रधान ही फिर से चुनाव में ताल ठोंकने का सपना देख रहे हैं। हालांकि आरक्षण के बाद ही यह तय हो जाएगा कि किस पंचायत में किस वर्ग का व्यक्ति चुनाव लड़ सकता है।
अभी आरक्षण और चुनाव की तारीख की तस्वीर साफ नहीं है। फिर भी अनुमान के आधार पर ही प्रधान पद के संभावित उम्मीदवारों ने तैयारी चालू कर रखी है। गांव में गरीब हो या अमीर, सभी के दुख दर्द में शामिल हो रहे हैं। शामिल होने का सिलसिला मांगलिक कार्यक्रमों जैसे शादी ब्याह में भी चल रहा है। उधर चुनावी कार्यक्रम तय होने से पहले ही गांव गांव गुटबंदी भी होने लगी है।