झालू, बिजनौर। सीबीएसई 10वीं की हिंदी विषय की परीक्षा दो मार्च को होगी। विद्यार्थी इसकी तैयारी यदि सही रणनीति, नियमित अभ्यास और मूल अवधारणाओं की स्पष्ट समझ के साथ करें, तो अच्छे अंक प्राप्त कर सकते हैं। हिंदी विषय न केवल परीक्षा में सफलता दिलाता है बल्कि यह विद्यार्थियों को भारतीय साहित्य, संस्कृति और इतिहास से भी जोड़ता है।
रूट्स इंटरनेशनल स्कूल बिजनौर की हिंदी अध्यापिका रीता सिंह ने बताया कि हिंदी भारत की राजभाषा है और यह देश के विभिन्न क्षेत्रों के लोगों के बीच संवाद का सशक्त माध्यम है। हिंदी की सरलता इसे भावनाओं की अभिव्यक्ति का प्रभावी माध्यम बनाती है। कहा कि वर्तमान समय में मीडिया, सिनेमा, विज्ञापन और अनुवाद जैसे क्षेत्रों में हिंदी में करियर की अपार संभावनाएं हैं, इसलिए विद्यार्थियों को इस विषय की तैयारी गंभीरता और रुचि के साथ करनी चाहिए। बताया कि सीबीएसई कक्षा दस हिंदी की परीक्षा कुल 80 अंकों की होगी। इससे अपठित बोध, व्याकरण, पाठ्यपुस्तक और रचनात्मक लेखन से प्रश्न पूछे जाएंगे। विद्यार्थियों को परीक्षा पैटर्न और अंक विभाजन को समझकर तैयारी करनी चाहिए। साहित्य खंड में अध्यायों के भावार्थ, पात्रों के चरित्र-चित्रण और अध्याय के संदेश को समझना जरूरी है, जबकि व्याकरण खंड में वाक्य भेद, वाच्य, पद परिचय और अलंकार का नियमित अभ्यास करना चाहिए।
ये महत्वपूर्ण सुझाव
-एनसीआरटी की क्षितिज और कृतिका पुस्तकों को आधार बनाकर पढ़ाई करें।
-शॉर्ट नोट्स बनाएं और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास करें।
-प्रतिदिन लिखने का अभ्यास करने से लिखावट में सुधार होता है और वर्तनी की गलतियों से बचा जा सकता है।
-परीक्षा के दौरान घबराने के बजाय आत्मविश्वास के साथ प्रश्नपत्र हल करें और समय का सही प्रबंधन करें।
-स्मार्ट तरीके से पढ़ाई, नियमित रिवीजन और सकारात्मक सोच के साथ विद्यार्थी हिंदी विषय में उत्कृष्ट अंक प्राप्त कर सकते हैं।
-क्षितिज और कृतिका पुस्तकों का गहन अध्ययन करें।
-पिछले 5-10 वर्षों के प्रश्नपत्र और सैंपल पेपर हल करें।