बिजनौर के अफजलगढ़ में अंधाधुंध बिजली कटौती से नाराज कई गांवों के ग्रामीणों ने शनिवार को भिक्कावाला बिजलीघर पर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने विद्युत निगम के अधिकारियों के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि निगम के अधिकारी जानबूझकर समस्या का हल कराने में दिलचस्पी नहीं लेते।
अवर अभियंता के समस्याओं के शीघ्र समाधान कराए जाने के आश्वासन पर किसानों का धरना समाप्त हो गया।
शनिवार को गांव कादराबाद, विजयनगर, चोहड़वाला, पुक्खेवाला, त्रिलोकपुर, माधोवाला, जामुनवाला, मुरलीवाला, कल्लूवाला के लोगों ने भिक्कावाला बिजलीघर पर प्रदर्शन किया।
इस दौरान हुई सभा में प्रदर्शनकारियों ने निगम के अधिकारियों को अंधाधुंध बिजली कटौती के लिए जिम्मेदार ठहराया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बिजली कटौती के कारण कारोबार के साथ सिंचाई कार्य प्रभावित है। शहरी क्षेत्र में 16 घंटे व ग्रामीण क्षेत्र को 14 घंटे बिजली देने के सरकारी आदेश केवल कागजी साबित हो रहे हैं। क्षेत्र को इसके सापेक्ष 5-6 घंटे ही विद्युत आपूर्ति मिल रही है।
प्रदर्शनकारी सरदार मलकीत सिंह, दर्शन सिंह रावत, विनोद काला, रामनाथ सिंह, मदन सिंह राणा, बलकार सिंह, इस्लामुद्दीन, असलम आदि ने कहा कि वे निगम की तानाशाही को किसी कीमत पर सहन नहीं करेंगे। प्रदर्शनकारियों ने बिजलीघर पर दो के स्थान पर चार ट्रांसफार्मर रखवाने की मांग की है। जेई रामपाल सिंह ने प्रदर्शनकारियों को समस्या का जल्द समाधान कराने का आश्वासन देकर धरने को समाप्त कराया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मांग पूरी नहीं होने पर निगम के खिलाफ फिर आंदोलन के लिए लोग सड़कों पर उतरेंगे।