आंधी-बारिश से गुल हुई बिजली, 11 घंटे बाद बहाल हो सकी आपूर्ति
बिजनौर। अचानक मौसम का मिजाज बदलने से आंधी के साथ झमाझम बारिश हुई। आंधी-बारिश से काफी जगह पेड़ टूट कर सड़क एवं बिजली लाइनों पर गिर गए, जिससे बिजली व्यवस्था ठप हो गई। शहर में नौ बिजली के खंभे, बिजली के तार टूट गए, 20 इंसुलेटर खराब हो गए। बिजनौर शहर में करीब आठ घंटे बाद आपूर्ति बहाल हो सकी, वहीं गांव देहात में 11 घंटे बाद आपूर्ति सुचारुहुई। जनपद में 43 एमएम बारिश हुई और 40 किलोमीटर की गति से हवा चली। आम की फसल को भी काफी नुकसान पहुंचा है।
रविवार रात बारिश व आंधी से पेड़ गिरने के कारण बिजनौर शहर में आवास-विकास बिजलीघर से निकले बैराज फीडर पर सात खंभे व लाइन का तार टूट गया, बाकी शहर के अंदर दो खंभे टूट गए। साथ ही विभिन्न लाइनों में 20 इंसुलेटर खराब हुए। वहीं फील्ड स्टाफ की कमी के चलते शहर की आपूर्ति सही करने में करीब आठ घंटे लग गए। हालांकि आपूर्ति बाधित होने से शहर के बाहरी क्षेत्रों में लोगों को पानी की समस्या से भी जूझना पड़ा है। जनपद में करीब 550 जगह लाइनों में फाल्ट हुए, जबकि विभाग के पास संविदा के 464 कर्मचारी ही हैं। इनके सहारे ही टूटे खंभे व तार सही कराए गए।
इंसुलेटर में लगता ज्यादा समय
बिजली अधिकारियों का कहना है कि खंभा व तार टूटने पर जल्द पता चल जाता है, परंतु खंभों पर इंसुलेटर बस्ट होने पर उसकी तलाश करने में ज्यादा समय लगता है। पुराने इंसुलेटर पानी की बूंदों से ही खराब हो जाता है।
बिजली गुल होने से सरकारी नलों का लिया सहारा
घर के जरूरी कार्यों के लिए पानी के लिए मोहल्लेवासियों ने कालोनियों में खड़े इंडिया मार्का हैंडपंप का सहारा लेना पड़ा। किरतपुर रोड निवासी रजनी का कहना है कि उनके यहां सबमर्सिबल लगा हुआ है। बिजली न आने पर पानी के लिए नलों का सहारा लेना पड़ा। शीलकुंज निवासी सुनीता व बीना राणा का कहना है बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से काफी परेशानी हुई।
जलभराव से राहगीर परेशान
बारिश से किरतपुर रोड, नई बस्ती व शहर की अन्य कालोनियों में जलभराव रहा। जलभराव से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा है।
बारिश के साथ तेज हवा से लाइनों पर पेड़ या टहनियां गिरने से बिजली बाधित हो जाती है। सभी अधिशासी अभियंता, एसडीओ व अवर अभियंताओं ने क्षतिग्रस्त लाइनों को सही कराकर आपूर्ति बहाल करा दी गई।
- नंदलाल, अधीक्षण अभियंता बिजनौर
बिजनौर में आंधी से विद्युत लाइन पर गिरे पेड़ को हटाती कर्मचारी।- फोटो : BIJNOR