शामली में पावर कारपोरेशन की नलकूप किसानों के लिए चलाई जा रही ओटीएस स्कीम की ओर किसान उत्साह नहीं दिखा रहे हैं। योजना के अंतर्गत एक सप्ताह में मात्र 357 पंजीकरण हुए हैं और 23 लाख रुपये की वसूली हुई है। उधर, बिजली बिल में सिर्फ 500 रुपये के नोट 15 दिसंबर तक स्वीकार किए जाने के आदेश पर महज 14 करोड़ 60 लाख रुपये की वसूली हो पाई है।
विद्युत निगम के अफसरों के अनुसार 500, 1000 रुपये के नोट बिजली बिल में स्वीकार किए जाने के बाद जिले के विद्युत निगम कार्यालयों में जबरदस्त भीड़ उमड़ी। प्रतिदिन होने वाली 20-25 लाख की वसूली बढ़कर डेढ़ करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी। 24 नवंबर के बाद बिजली बिल में 500 रुपये के नोट 15 दिसंबर तक स्वीकार किए जाने के बाद बिजली बिल की वसूली का औसत घटकर 25 लाख प्रतिदिन रह गया है। दो दिसंबर से लेकर 31 दिसंबर तक के लिए नलकूप किसानों के लिए एक मुश्त समाधान योजना ओटीएस स्कीम योजना लागू कर कर दी गई है। ओटीएस स्कीम में नलकूप बकायादारों मे पंजीकरण कराने के लिए बिजली बिल जमा करने का उत्साह नहीं है।
अधीक्षण अभियंता अशोक कुमार ने बताया कि ओटीएस स्कीम में 34 करोड़ रुपये प्रतिदिन का लक्ष्य 28 करोड़ कर दिया गया है। लेकिन किसानों पर पैसा न होने से ओटीएस और प्रतिदिन होने वाली वसूली पर सीधा असर पड़ा है। ओटीएस में एक सप्ताह में 2500 रुपये देकर कुल 357 पंजीकरण हुए हैं। एक सप्ताह में 23 लाख रुपये की नलकूप किसानों से वसूली हो पाई है। 31 दिसंबर तक 34 करोड़ रुपये का वसूली का लक्ष्य पूरा किया जाना है। नोट बंदी के बाद आई मंदी के दौर से वसूली प्रभावित हो गई है। 11 नवंबर से प्रतिदिन होने वाली बिजली वसूली में 27 दिन में अभी तक 14 करोड़ 60 लाख की वसूली हो पाई है।