बिजनौर में पाले से खराब हुई आलू की फसल।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
बिजनौर में पाले से बढ़ रही सर्दी ने किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीर खींच दी है। पाले का असर रबी की फसलों पर पड़ रहा है। सबसे ज्यादा नुकसान आलू की फसल को हो रहा है। किसान फसलों को बचाने के लिए खेतों में दवाई का प्रयोग कर रहे हैं।
हफ्ते में चार दिन लगातार पाला पड़ा रहा। पाला पड़ने से पारे ने भी डुबकी लगाई। तापमान शून्य डिग्री तक जा पहुंचा। रही सही कसर बारिश, बादलों और सुबह के समय आ रहे कोहरे ने पूरी कर दी है। जिले में करीब 6600 हेक्टेअर जमीन में आलू बोया जाता है। पाले के कारण आलू में झुलसा रोग आ गया है। आलू का पौधा सूखने लगा है। इसका असर उत्पादन पर पड़ता है। गांव बाकरपुर गढ़ी निवासी जयवीर सिंह के अनुसार पाले ने गन्ने का अंगोला भी सूखा दिया है।
किसानों के सामने चारे की समस्या पैदा हो रही है। धारूवाला निवासी अवधेश चौधरी, पूर्व प्रधान दयाराम सिंह, राजेंद्र सिंह, पीतम सिंह आदि के अनुसार पाले से सरसों की फसल में भी रोग आ गया है।